पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पराली जलाने की 440 घटनाओं में 12.25 लाख रु का जुर्माना लगाया

पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पराली जलाने की 440 घटनाओं में 12.25 लाख रु का जुर्माना लगाया

पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने पराली जलाने की 440 घटनाओं में 12.25 लाख रु का जुर्माना लगाया
Modified Date: November 29, 2022 / 08:02 pm IST
Published Date: October 9, 2020 11:39 am IST

चंडीगढ, नौ अक्टूबर (भाषा) पंजाब प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (पीपीसीबी)ने राज्य में पराली जलाने की 460 घटनाओं में 12.25 लाख रुपये का जुर्माना लगाया है। वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को यह जानकारी देते हुए बताया कि इस महीने के अंत तक ही सही अनुमान लगाया जा सकेगा कि पिछले साल के मुकाबले पराली जलाने की घटनाएं बढ़ी हैं या कम हुई है।

पीपीसीबी के सदस्य सचिव करुणेश गर्ग ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ 21 सितंबर से सात अक्टूबर के बीच पराली जलाने की 460 घटनाओं में 12.25 लाख रुपये का जुर्माना (पर्यावरण क्षतिपूर्ति) लगाया गया जिनमें से 70 हजार रुपये की वसूली हो चुकी है।

जब उनसे पूछा गया कि इस साल 21 सितंबर से सात अक्टूबर के बीच पराली जलाने की 1,692 घटनाएं दर्ज की गई जो पिछले साल के मुकाबले इस तरह की घटनाओं में पांच गुना वृद्धि का संकेत है तो गर्ग ने कहा, ‘‘यह उचित तुलना नहीं है, अभी मौसम का शुरुआती चरण है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘इससे बड़ी बात है कि फसल की कटाई भी शुरुआती चरण में ही कर ली गई थी। इसके साथ ही पिछले साल फसल की कटाई के समय बारिश हो रही थी न कि आग लगी थी। इसलिए वास्तविक स्थिति का पता अक्टूबर के आखिरी हफ्ते में ही चलेगा। तभी हम यह बताने की स्थिति में होंगे कि इस साल पराली जलाने की घटनाएं बढ़ी हैं या कम हुई हैं।’’

अधिकारी ने बताया कि उपग्रह मानचित्रण के अनुसार सात अक्टूबर तक पराली जलाने की 1,692 घटनाएं हुईं, लेकिन जब पीपीसीबी के अधिकारी मौके पर पहुंचे तो 763 घटनाओं की पुष्टि हुई।

उन्होंने कहा कि कई बार उपग्रह मानचित्रण के आंकड़ों में अन्य तरह की आग भी शामिल होती है जो पराली की वजह से नहीं लगी होती।

उल्लेखनीय है कि पराली जलाने की सबसे अधिक घटनाएं अमृतसर, तरन-तारन, पटियाला और गुरदासपुर जिले में हुई है। राज्य सरकार ने पराली जलाने से रोकने के लिए धान उगाने वाले गांवों के लिए आठ हजार नोडल अधिकारी नियुक्त किए हैं।

भाषा धीरज नरेश

नरेश


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