पूर्वोत्तर के लोगों के खिलाफ नस्ली उत्पीड़न को सामान्य नहीं माना जा सकता: संगमा
पूर्वोत्तर के लोगों के खिलाफ नस्ली उत्पीड़न को सामान्य नहीं माना जा सकता: संगमा
शिलांग, नौ मार्च (भाषा) दिल्ली के एक पार्क में पूर्वोत्तर के दो व्यक्तियों पर कथित हमले के मामले में मेघालय के मुख्यमंत्री कॉनराड के. संगमा ने सोमवार को कहा कि इस क्षेत्र के लोगों के खिलाफ नस्ली उत्पीड़न को ‘‘सामान्य’’ नहीं माना जा सकता और इस पर सख्त कार्रवाई की जानी चाहिए।
संगमा ने कहा कि मणिपुर और असम के दो व्यक्तियों पर दिल्ली के साकेत जिला अदालत परिसर के पास हमला किया गया, जिसे उन्होंने ‘‘घृणित’’ करार दिया।
उन्होंने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘पूर्वोत्तर के लोगों पर बार-बार हो रहे हमलों से मैं आहत हूं। साकेत अदालत के पास हमारे दो लोगों पर हमला बेहद घृणित है।’’
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को पोस्ट में टैग करते हुए उन्होंने लिखा, ‘‘नस्ली उत्पीड़न को सामान्य नहीं माना जाना चाहिए और इसके खिलाफ कार्रवाई करना जरूरी है। मैं अधिकारियों से कड़ी कार्रवाई करने का आग्रह करता हूं।’’
पुलिस के अनुसार, यह घटना रविवार शाम उस समय हुई जब मणिपुर की एक महिला और उसकी सहेली साकेत अदालत परिसर के पास पार्क में टहल रही थीं। कुछ व्यक्तियों ने कथित रूप से उन पर आपत्तिजनक टिप्पणी की।
एक पुलिस अधिकारी ने बताया, ‘‘जब एक महिला ने टिप्पणियों को लेकर आपत्ति जताई, तो उनके बीच बहस हो गई और आरोपियों ने कथित रूप से उन पर हमला कर दिया।’’
उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और पीड़िता से संपर्क किया। टीम लगातार उनके संपर्क में है और पीड़िता के बयान के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
सूत्रों ने बताया कि आरोपियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने के प्रयास किये जा रहे हैं।
भाषा खारी सुभाष
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