राहुल ‘सबसे बड़े दलित विरोधी’, गांधी परिवार ने खरगे का अपमान किया : ‘शुद्धीकरण’ विवाद पर भाजपा

राहुल ‘सबसे बड़े दलित विरोधी’, गांधी परिवार ने खरगे का अपमान किया : ‘शुद्धीकरण’ विवाद पर भाजपा

राहुल ‘सबसे बड़े दलित विरोधी’, गांधी परिवार ने खरगे का अपमान किया : ‘शुद्धीकरण’ विवाद पर भाजपा
Modified Date: August 31, 2026 / 09:02 pm IST
Published Date: August 31, 2026 9:02 pm IST

नयी दिल्ली, 31 अगस्त (भाषा) उत्तराखंड के हल्द्वानी में कथित ‘शुद्धीकरण समारोह’ को लेकर सोमवार को कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच जुबानी जंग तेज हो गई। भाजपा ने विपक्षी कांग्रेस पर आगामी विधानसभा चुनावों के कारण इस मुद्दे पर घटिया राजनीति करने का आरोप लगाया और राहुल गांधी को देश का ‘सबसे बड़ा दलित विरोधी नेता’ करार दिया।

भाजपा की यह प्रतिक्रिया तब आई ,जब कांग्रेस ने सत्ताधारी पार्टी पर लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने को लेकर तीखा हमला बोला।

गांधी ने उत्तराखंड में उस जगह पर हुए ‘शुद्धीकरण’ अनुष्ठान पर हाल ही में टिप्पणी की थी, जहां पिछले महीने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने एक रैली को संबोधित किया था।

गांधी ने आरोप लगाया था कि यह छुआछूत का ही एक रूप है।

हल्द्वानी में वाल्मीकि समुदाय के एक सदस्य की शिकायत पर गांधी के खिलाफ शनिवार को प्राथमिकी दर्ज की गई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि कांग्रेस नेता ने हाल ही में संवाददाता सम्मेलन में एक ‘‘धार्मिक अनुष्ठान’’ को जातिवादी रंग दिया।

कांग्रेस ने सोमवार को कहा कि जब तक असली दोषियों को सज़ा नहीं मिल जाती और इस ‘‘बेमतलब की प्राथमिकी को कूड़ेदान में नहीं फेंक दिया जाता’’, तब तक वे चैन से नहीं बैठेंगे। मुख्य विपक्षी पार्टी ने यह भी कहा कि प्राथमिकी दर्ज किए जाने का जवाब वह लोकतांत्रिक और कानूनी तरीकों से देगी।

भाजपा प्रवक्ता गौरव भाटिया ने पलटवार करते हुए आरोप लगाया कि कांग्रेस इस मुद्दे पर ‘‘तुच्छ राजनीति’’ कर रही है, क्योंकि विपक्षी पार्टी जानती है कि 2027 में कई राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों में उसे हार का सामना करना पड़ सकता है।

उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि गांधी को यह मुद्दा उठाने में तीन हफ़्ते क्यों लगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गांधी परिवार ने कई मौकों पर खरगे का अपमान किया है।

उन्होंने कहा, ‘‘यह अलग बात है कि उनका (खरगे का) आरोप सही है या गलत, लेकिन राहुल गांधी को इसकी कोई परवाह नहीं थी। वह तीन हफ़्ते तक सोते रहे।’’

भाटिया ने भाजपा मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन के दौरान इस मुद्दे पर पूछे गए सवालों का जवाब देते हुए कहा, ‘‘भारत में राहुल गांधी से अधिक गैर-जिम्मेदार, दलित-विरोधी और पिछड़ा वर्ग-विरोधी नेता कभी नहीं हुआ।’’

पुलिस ने रविवार को बताया कि यह प्राथमिकी विभिन्न समूहों के बीच शत्रुता बढ़ाने और धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने के जानबूझकर किए गए कृत्यों से संबंधित भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज की गई है।

इसके साथ ही, इस मामले में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 के प्रावधान भी लागू किये गये हैं।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा, ‘‘राहुल गांधी के पास दुनिया भर में घूमने का समय था। जब दलित समुदाय से कोई भी व्यक्ति आरोप लगाता है, तो राहुल गांधी इसे गंभीरता से नहीं लेते हैं। वह अब यह दिखाने की कोशिश कर रहे हैं कि उन्हें पिछड़ी जाति से संबद्ध लोगों की परवाह है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘ऐसा लगता है कि खरगे के यह कहने के बाद ही गांधी ने यह मुद्दा उठाया कि जब उनका मुद्दा नहीं उठाया जा रहा है, तो कांग्रेस में रहने का क्या मतलब है।’’

भाटिया ने आरोप लगाया कि यह कांग्रेस ही थी, जिसने खरगे को निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय में सोनिया गांधी के पीछे की सीट की दूसरी पंक्ति में बैठाकर उनका अपमान किया था, जब प्रियंका गांधी वाद्रा ने नवंबर 2024 में केरल की वायनाड लोकसभा सीट से उपचुनाव लड़ने के लिए अपना नामांकन दाखिल किया था।

भाजपा प्रवक्ता ने आरोप लगाया कि जब कांग्रेस नेता उदित राज ने पूर्व राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्द को ‘समाज के लिये कलंक’ कहा और राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के खिलाफ भी आपत्तिजनक टिप्पणी की, तो गांधी चुप रहे। कोविंद दलित समुदाय से आते हैं।

उन्होंने कांग्रेस नेता पर ‘दोहरे मानदंड’ अपनाने का आरोप लगाया।

उन्होंने कहा, ‘‘अंदर से मल्लिकार्जुन खरगे भी राहुल गांधी से नफरत करते हैं। वह अच्छी तरह जानते हैं कि उन्हें कांग्रेस में कोई सम्मान नहीं मिलेगा, क्योंकि वह गांधी परिवार से नहीं हैं।’’

भाजपा नेता ने कहा, ‘‘राहुल गांधी उस असफल उत्पाद की तरह हैं, जिसे कांग्रेस बार-बार लॉन्च करने का प्रयास करती है, फिर भी यह दोषपूर्ण उत्पाद कभी भी सफलतापूर्वक लॉन्च नहीं होता है।’’

वर्ष 2027 में पंजाब, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, गोवा, हिमाचल प्रदेश और गुजरात में विधानसभा चुनाव होने हैं। पंजाब और हिमाचल प्रदेश को छोड़कर इनमें से पांच राज्यों में भाजपा सत्ता में है। आम आदमी पार्टी (आप) वर्तमान में जहां पंजाब में शासन कर रही है, वहीं कांग्रेस हिमाचल प्रदेश में सत्ता में है।

भाषा सुरेश दिलीप

दिलीप


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