राहुल ने पंजाब कांग्रेस के पांच नेताओं से मुलाक़ात की, एकजुटता का संदेश दिया

राहुल ने पंजाब कांग्रेस के पांच नेताओं से मुलाक़ात की, एकजुटता का संदेश दिया

राहुल ने पंजाब कांग्रेस के पांच नेताओं से मुलाक़ात की, एकजुटता का संदेश दिया
Modified Date: June 21, 2026 / 05:26 pm IST
Published Date: June 21, 2026 5:26 pm IST

नयी दिल्ली, 21 जून (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने रविवार को पंजाब के पांच वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात की और उनसे आगामी विधानसभा चुनाव मिलकर लड़ने को कहा।

राहुल ने जोर देकर कहा कि पार्टी की पंजाब इकाई में संगठनात्मक बदलावों की चर्चा के बीच राज्य में कांग्रेस के पास ‘बहुत अच्छा मौका’ है।

पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पंजाब विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री चरणजीत सिंह चन्नी और वरिष्ठ नेता सुखजिंदर सिंह रंधावा एवं विजय इंदर सिंगला ने सोनिया गांधी के आवास ‘10, जनपथ’ पर राहुल गांधी से मुलाकात की।

पंजाब में अगले साल की शुरुआत में विधानसभा चुनाव होने हैं।

बैठक के बाद बाजवा ने पत्रकारों से कहा, ‘‘मैंने पार्टी के लिए जो सबसे अच्छा है, उसपर अपना पक्ष रखा। मैंने कहा कि आप (राहुल गांधी) जो भी फैसला लेंगे, हम उसके साथ खड़े रहेंगे। हम कांग्रेस के समर्पित सिपाही हैं। हमारे परिवारों ने पंजाब के हित और देश की एकता एवं अखंडता के लिए बलिदान दिया है।’’

बाजवा ने जोर देकर कहा, ‘‘नेतृत्व का फैसला राहुल पर है, वह कोई पद दें या न दें, हम उनके साथ खड़े हैं।’’

राहुल गांधी से मिलने वाले नेताओं के अनुसार, उन्होंने पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले की रणनीति पर इन पांचों नेताओं की राय जानने के लिए उनसे अलग-अलग मुलाकात की।

बैठक की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने बताया, ‘‘राहुल गांधी का संदेश था कि ‘आपको मिलकर लड़ना होगा, पंजाब एक महत्वपूर्ण राज्य है और हमारे पास बहुत अच्छा मौका है।’ नेताओं ने नेतृत्व के मुद्दे और आगे बढ़ने के सबसे अच्छे तरीके पर अपने विचार साझा किए। मूल रूप से, उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि हमें पंजाब के हितों की रक्षा करनी चाहिए।’’

इस महीने की शुरुआत में कांग्रेस ने पंजाब में मौजूदा राजनीतिक हालात का जायजा लेने और उसपर रिपोर्ट सौंपने के लिए अजय माकन, मीनाक्षी नटराजन और भजन लाल जाटव को ‘अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी’ का पर्यवेक्षक नियुक्त किया था।

उन्होंने अपनी रिपोर्ट आलाकमान को सौंप दी है।

भाषा संतोष सुरेश

सुरेश


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