Rahul Gandhi on PM Modi: ‘देशभर के सोया किसानों का क्या होगा?’ ट्रेड डील को लेकर राहुल गांधी ने फिर केंद्र सरकार पर बोला हमला, पीएम मोदी से पूछे पांच सवाल

Rahul Gandhi on PM Modi: 'देशभर के सोया किसानों का क्या होगा?' ट्रेड डील को लेकर राहुल गांधी ने फिर केंद्र सरकार पर बोला हमला, पीएम मोदी से पूछे पांच सवाल

Rahul Gandhi on PM Modi: ‘देशभर के सोया किसानों का क्या होगा?’ ट्रेड डील को लेकर राहुल गांधी ने फिर केंद्र सरकार पर बोला हमला, पीएम मोदी से पूछे पांच सवाल

Rahul Gandhi on PM Modi/Image Credit: IBC24

Modified Date: February 16, 2026 / 12:31 pm IST
Published Date: February 16, 2026 12:31 pm IST
HIGHLIGHTS
  • राहुल गांधी ने कहा कि यह समझौता भारतीय किसानों के साथ विश्वासघात हो सकता है
  • उन्होंने GM सोया तेल और GM मक्का से बने उत्पादों के आयात पर गंभीर सवाल उठाए
  • उन्होंने चेतावनी दी कि यह डील भारत की कृषि उद्योग पर विदेशी पकड़ बढ़ा सकती है

नई दिल्ली: Rahul Gandhi on PM Modi लोकसभा में नेता विपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने अमेरिका और भारत के बीच हुई ट्रेड डील को लेकर एक बार फिर मोदी सरकार पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि यह समझौता भारतीय किसानों के साथ विश्वासघात कर सकता है। साथ ही उन्होंने कि ‘मैं प्रधानमंत्री से कुछ आसान सवाल पूछना चाहता हूं।’

Rahul Gandhi on PM Modi राहुल ने PM मोदी से पूछे ये पांच सवाल

  • DDG import करने का वास्तव में क्या मतलब है? क्या इसका मतलब यह है कि भारतीय मवेशियों को GM अमेरिकी मक्का से बने distillers grain खिलाए जाएंगे? क्या इससे हमारे दूध उत्पाद प्रभावी रूप से अमेरिकी कृषि उद्योग पर निर्भर नहीं हो जाएंगे?
  • अगर हम GM सोया तेल के आयात की अनुमति देते हैं, तो मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, राजस्थान और देशभर के हमारे सोया किसानों का क्या होगा? वे एक और कीमतों का झटका कैसे झेल पाएंगे?
  • जब आप “additional products” कहते हैं, तो उसमें क्या-क्या शामिल है? क्या यह समय के साथ दाल और अन्य फसलों को अमेरिकी आयात के लिए खोलने के दबाव का संकेत है?
  • “Non-trade barriers” हटाने का क्या मतलब है? क्या भविष्य में भारत पर GM फसलों पर अपने रुख को ढीला करने, procurement को कमजोर करने या MSP और bonuses को कम करने का दबाव डाला जाएगा?
  • एक बार यह दरवाज़ा खुल गया, तो हर साल इसे और ज़्यादा खुलने से हम कैसे रोकेंगे? क्या इसकी रोकथाम होगी, या हर बार सौदे में धीरे-धीरे और भी फसलों को मेज़ पर रख दिया जाएगा? किसानों को ये सफ़ाई तो मिलनी ही चाहिए।
    यह सिर्फ आज की बात नहीं है। ये भविष्य की भी बात है – क्या हम किसी दूसरे देश को भारत की कृषि उद्योग पर लंबे समय की पकड़ बनाने दे रहे हैं।

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