जयपुर, 20 अगस्त (भाषा) राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने बृहस्पतिवार को विधानसभा के मॉनसून सत्र के पहले दिन विपक्षी सदस्यों की गैरमौजूदगी पर नाराजगी जताई और उनसे सदन की कार्यवाही में शामिल होकर नियमों के तहत अपने मुद्दे उठाने की अपील की।
राजस्थान विधानसभा का मॉनसून सत्र बृहस्पतिवार राष्ट्रगीत ‘वंदे मातरम्’ के गायन के साथ शुरू हुआ। सदन की शुरुआत में देवनानी ने कहा कि विपक्ष की सीटें खाली देखकर उन्हें पीड़ा हुई।
उन्होंने कहा कि राजस्थान विधानसभा के इतिहास में यह पहली बार है, जब किसी सत्र के पहले दिन शोकाभिव्यक्ति के दौरान विपक्ष के सदस्य सदन में मौजूद नहीं थे।
देवनानी ने कहा, ‘‘मैं विपक्ष का पूरा सम्मान करता हूं। उन्हें सदन में अपने मुद्दे उठाने का पूरा अधिकार है।’’ उन्होंने विपक्षी सदस्यों से सदन की कार्यवाही में शामिल होने की अपील की।
उन्होंने कहा कि विपक्ष को जनता से जुड़े मुद्दे गरिमापूर्ण तरीके से और निर्धारित नियमों के अनुसार उठाने चाहिए, जबकि राज्य सरकार को इन मुद्दों का संज्ञान लेकर सकारात्मक जवाब देना चाहिए।
अध्यक्ष ने कहा, ‘‘विपक्ष की सीटें खाली होना पीड़ादायक है। आज जब ऐसा कोई मुद्दा नहीं था जिसके कारण उन्हें सदन से दूर रहना चाहिए था, तब यह और भी दुखद है। यह उचित नहीं है।’’
देवनानी ने विधानसभा परिसर के गेट नंबर छह से विपक्षी विधायकों के प्रवेश को लेकर उठे विवाद पर भी स्थिति स्पष्ट की।
उन्होंने कहा कि शुरू में प्रस्ताव था कि विपक्ष के विधायक गेट नंबर छह से एक साथ विधानसभा में प्रवेश करेंगे, जबकि मौजूदा व्यवस्था के तहत सभी सदस्यों के लिए गेट नंबर सात से प्रवेश निर्धारित है।
उन्होंने बताया कि पैदल आने वाले विधायक व्यक्तिगत रूप से गेट नंबर छह से प्रवेश कर सकते हैं। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए विपक्षी सदस्यों से एक-एक करके प्रवेश करने का अनुरोध किया गया था।
अध्यक्ष ने कहा कि मार्शल ने उन्हें बताया था कि पूर्व में एक बार गेट नंबर छह से विधायकों के साथ अन्य लोग भी अंदर आ गए थे, जिससे विधानसभा की सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा हुई थी।
उन्होंने कहा, ‘‘इसके बावजूद विपक्ष के सदस्य सदन में नहीं आए। यह स्थिति उचित नहीं है।’’
देवनानी ने कहा कि सदन की कार्यवाही तभी सार्थक होती है, जब सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों लोकतांत्रिक मर्यादाओं का पालन करते हुए जनहित के मुद्दों पर चर्चा करें और राजस्थान की जनता से जुड़े विषयों के समाधान की दिशा में काम करें।
उन्होंने सरकार से भी विपक्ष द्वारा उठाए गए मुद्दों पर सकारात्मक प्रतिक्रिया देने की अपील की।
इससे पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने विधानसभा में अध्यक्ष देवनानी से शिष्टाचार भेंट की। एक आधिकारिक बयान के अनुसार, दोनों ने समसामयिक मुद्दों, लोकतांत्रिक परंपराओं को मजबूत करने तथा राजस्थान के व्यापक हित और विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा की।
वहीं, आंध्र प्रदेश के विभिन्न समाचार पत्रों के संपादकों और वरिष्ठ पत्रकारों का एक प्रतिनिधिमंडल भी बृहस्पतिवार को राजस्थान विधानसभा के दौरे पर पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री शर्मा और विधानसभा अध्यक्ष देवनानी से मुलाकात की तथा विधानसभा भवन, सदन और ‘राजनीतिक आख्यान संग्रहालय का अवलोकन किया।
भाषा बाकोलिया शफीक धीरज
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