राजस्थान: गेहूं खरीद की समय सीमा बढ़ाने की मांग को किसान रेल पटरी पर बैठे

राजस्थान: गेहूं खरीद की समय सीमा बढ़ाने की मांग को किसान रेल पटरी पर बैठे

राजस्थान: गेहूं खरीद की समय सीमा बढ़ाने की मांग को किसान रेल पटरी पर बैठे
Modified Date: May 30, 2026 / 05:20 pm IST
Published Date: May 30, 2026 5:20 pm IST

जयपुर, 30 मई (भाषा) राजस्थान में हनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा कस्बे में गेहूं खरीद की समय सीमा और खरीद का लक्ष्य बढ़ाने की मांग को लेकर सैकड़ों किसानों ने शनिवार को विरोध प्रदर्शन किया तथा कुछ समय के लिए एक रेल लाइन को अवरुद्ध कर दिया।

अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारी करीब एक घंटे तक बीकानेर-हनुमानगढ़ रेल लाइन पर बैठे रहे जिससे आवाजाही बाधित हुई।

उन्होंने बताया कि बाद में प्रशासन के समझाने-बुझाने पर प्रदर्शनकारी ट्रैक खाली करके अपने विरोध स्थल पर लौट गए।

किसान सुबह सभा के लिए इकट्ठा हुए और अपने नेताओं की अपील पर सड़क पार करके करीब 50 मीटर दूर स्थित रेल लाइन पर पहुंचे। उन्होंने वहां धरना दिया।

किसान गेहूं खरीद की समय सीमा बढ़ाने और खरीद का लक्ष्य बढ़ाने की अपनी मांगों को लेकर पिछले दो दिनों से उपखंड अधिकारी कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। इस आंदोलन के तहत उन्होंने शुक्रवार को रास्ता भी रोका।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार मंडियों में अब भी बड़ी मात्रा में गेहूं पड़ा है जबकि खरीद की अवधि समाप्त होने वाली है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन के साथ कई दौर की बातचीत के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है।

अधिकारियों ने बताया कि बृहस्पतिवार और शुक्रवार को प्रशासन एवं किसान नेताओं के बीच कई दौर की चर्चाएं हुईं लेकिन बातचीत बेनतीजा रही।

किसान नेता रघुवीर वर्मा ने कहा कि अधिकारियों के साथ बातचीत तो चल रही है लेकिन खरीद की तारीख आगे बढ़ाने और लक्ष्यों में संशोधन करने के संबंध में निर्णय केवल सरकारी स्तर पर ही लिए जा सकते हैं।

उन्होंने कहा, ‘‘स्थानीय अधिकारी केवल आश्वासन दे रहे हैं लेकिन किसानों को तत्काल फैसला चाहिए।’’

किसान संगठनों और व्यापारिक संगठनों ने मांग की है कि खरीद की अवधि 30 जून तक बढ़ाई जाए ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि किसानों की सारी उपज खरीदी जा सके।

प्रदर्शनकारियों ने बारदाने की कमी, गेहूं उठाने में देरी और खरीद केंद्रों पर स्लॉट बुकिंग में आने वाली समस्याओं जैसे मुद्दों का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि इन समस्याओं से उनके लिए हालात बदतर हो गए हैं।

भाषा पृथ्वी राजकुमार

राजकुमार


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