राजस्थान: अनियमितता पर आठ अस्पतालों को आरजीएचएस से हटाया

राजस्थान: अनियमितता पर आठ अस्पतालों को आरजीएचएस से हटाया

राजस्थान: अनियमितता पर आठ अस्पतालों को आरजीएचएस से हटाया
Modified Date: January 24, 2026 / 03:42 pm IST
Published Date: January 24, 2026 3:42 pm IST

जयपुर, 24 जनवरी (भाषा) स्वास्थ्य विभाग ने राजस्थान सरकार स्वास्थ्य योजना (आरजीएचएस) में अनियमितताओं के मामलों में सख्त कार्रवाई करते हुए पिछले एक माह में आठ अस्पतालों और ‘डायग्नोस्टिक’ सेंटर को योजना से बाहर कर दिया है। अधिकारियों ने शनिवार को यह जानकारी दी।

अधिकारियों ने बताया कि चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग योजना को लगातार सुदृढ़ बना रहा है और आरजीएचएस में अनियमितता करने वाले अस्पतालों, मेडिकल स्टोर तथा लाभार्थियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है।

विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि बीते एक माह में आठ अस्पतालों और डायग्नोस्टिक सेंटर को योजना से बाहर कर दिया गया है। इसके अलावा दो अस्पतालों का ‘ट्रांजैक्शन मैनेजमेंट सिस्टम’ (टीएमएस) बंद कर उनके भुगतान रोक दिए गए हैं। वहीं तीन अस्पतालों का टीएमएस तीन माह के लिए बंद किया गया है।

उन्होंने बताया कि संबंधित अस्पतालों द्वारा अनुचित तरीके से उपचार किए जाने और अन्य अनियमितताओं के मामले सामने आए थे। विभागीय जांच और ऑडिट में अनियमितताएं पाए जाने पर यह सख्त कार्रवाई की गई।

आरजीएचएस की परियोजना अधिकारी निधि पटेल ने एक बयान में बताया कि पिछले एक माह में दो मामलों में अस्पतालों द्वारा लाभार्थियों से वसूली गई 2,82,044 रुपये की राशि लाभार्थियों को वापस दिलाई गई है।

इसमें कहा गया कि 11 मेडिकल स्टोर का लाइसेंस निलंबित किया गया है। जनवरी में मेडिकल स्टोर संचालकों से करीब आठ लाख रुपये वसूले गए, जबकि लगभग 23 लाख रुपये जमा कराने के लिए नोटिस जारी किए गए हैं।

बयान में कहा गया कि इसी तरह योजना में गलत तरीके से लाभ लेने पर एक लाभार्थी के खिलाफ कार्रवाई के लिए संबंधित विभाग को पत्र भेजा गया है। अनुचित उपचार के मामलों में दो चिकित्सकों के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई (निलंबन) के लिए विभाग को लिखा गया है।

इसमें कहा गया कि इसके अलावा पांच अन्य चिकित्सकों के खिलाफ भी विभागीय और अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए पत्र जारी किए गए हैं।

भाषा पृथ्वी

नेत्रपाल खारी

खारी


लेखक के बारे में

******** Bottom Sticky *******