Solar Panels For Teachers: अब शिक्षकों को अपने घर में लगानी होगी ये चीज! वरना नहीं मिलेगा वेतन, नए आदेश से शिक्षा विभाग में हड़कंप

अब शिक्षकों को अपने घर पर लगानी होगी ये चीज! वरना नहीं मिलेगा वेतन, Mau News: Solar Panels Mandatory For Teachers

Solar Panels For Teachers: अब शिक्षकों को अपने घर में लगानी होगी ये चीज! वरना नहीं मिलेगा वेतन, नए आदेश से शिक्षा विभाग में हड़कंप
Modified Date: January 24, 2026 / 07:21 pm IST
Published Date: January 24, 2026 7:17 pm IST
HIGHLIGHTS
  • मऊ जिले में शिक्षकों से घर पर सोलर पैनल लगवाने का प्रमाण पत्र मांगा गया
  • प्रमाण पत्र न देने पर वेतन रोकने की चेतावनी से शिक्षकों में आक्रोश
  • पहले ‘कुत्ता ड्यूटी’ और अब सोलर पैनल आदेश से शिक्षा विभाग फिर विवादों में

मऊः Solar Panels For Teachers: वैसे तो शिक्षकों की नियुक्ति बच्चों को पढ़ाने के लिए होती है, उनके भविष्य को उज्जवल बनाने के लिए होती है, लेकिन शिक्षक इन दिनों पढ़ाने से ज़्यादा सरकारी कामों और योजनाओं के पालन में उलझते नजर आ रहे हैं। कभी उनकी ड्यूटी कुत्तों की निगरानी में लगा दी जाती है तो कभी जनगणना, मतदान जैसे कार्यों में। इसी बीच अब शिक्षकों के लिए एक बार फिर अजीबोगरीब फरमान जारी हुआ है। सरकार ने उन्हें अपने घर में सोलर पैनल लगवाने के लिए निर्देशित किया है। मामला उत्तर प्रदेश के मऊ जिले का है।

दरअसल, इन दिनों सोशल मीडिया पर एक पत्र वायरल हो रहा है, जिसमें प्राथमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों को अनिवार्य रूप से अपने घरों पर सोलर पैनल लगवाकर उसका प्रमाण पत्र जमा करने को कहा गया है आदेश में स्पष्ट किया गया है कि प्रमाण पत्र उपलब्ध न कराने की स्थिति में शिक्षकों का वेतन रोका जा सकता है। पत्र में समस्त खण्ड शिक्षा अधिकारियों को मुख्य विकास अधिकारी के निर्देशानुसार शत-प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित करने को कहा गया था। पत्र में यह भी निर्देशित किया गया था कि खण्ड शिक्षा अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों के शिक्षकों से व्यक्तिगत संपर्क कर प्रमाण पत्र प्राप्त करें। चेतावनी दी गई थी कि प्रमाण पत्र जमा होने के बाद ही मानव संपदा पोर्टल पर वेतन हेतु उपस्थिति लॉक की जाएगी।

‘कुत्ता’ ड्यूटी के बाद अब आर्थिक बोझ, शिक्षकों में आक्रोश ( UP Teacher News)

Solar Panels For Teachers: इस नए फरमान से शिक्षकों के बीच भारी नाराजगी और हड़कंप की स्थिति है। शिक्षकों का तर्क है कि सोलर पैनल लगवाना एक व्यक्तिगत निर्णय है जो व्यक्ति की वित्तीय क्षमता पर निर्भर करता है। इसे अनिवार्य कर वेतन रोकना अनुचित है। बता दें कि इससे पहले भी मऊ का शिक्षा विभाग तब चर्चा में आया था, जब एक निर्देश में कहा गया था कि यदि किसी को कुत्ता काट ले, तो शिक्षक उसे अस्पताल पहुंचाने और डेटा जुटाने के लिए उत्तरदायी होंगे। अब सोलर पैनल की इस अनिवार्यता ने शिक्षकों की चिंताओं को और बढ़ा दिया है।

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सवाल आपका है.. पत्रकारिता के माध्यम से जनसरोकारों और आप से जुड़े मुद्दों को सीधे सरकार के संज्ञान में लाना मेरा ध्येय है। विभिन्न मीडिया संस्थानों में 10 साल का अनुभव मुझे इस काम के लिए और प्रेरित करता है। कुशाभाऊ ठाकरे पत्रकारिता एवं जनसंचार विश्वविद्यालय से इलेक्ट्रानिक मीडिया और भाषा विज्ञान में ली हुई स्नातकोत्तर की दोनों डिग्रियां अपने कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ने के लिए गति देती है।

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