हर व्यक्ति तक सुलभ एवं त्वरित न्‍याय पहुंचाना राजस्थान सरकार का संकल्प: मुख्यमंत्री शर्मा

हर व्यक्ति तक सुलभ एवं त्वरित न्‍याय पहुंचाना राजस्थान सरकार का संकल्प: मुख्यमंत्री शर्मा

हर व्यक्ति तक सुलभ एवं त्वरित न्‍याय पहुंचाना राजस्थान सरकार का संकल्प: मुख्यमंत्री शर्मा
Modified Date: May 9, 2026 / 10:14 pm IST
Published Date: May 9, 2026 10:14 pm IST

जयपुर, नौ मई (भाषा) राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने शनिवार को कहा कि हर व्‍यक्ति तक सुलभ, त्‍वरित और पारदर्शी न्‍याय की पहुंच सुनिश्चित करना राज्य सरकार का संकल्प है।

उन्होंने कहा कि इसी लक्ष्य के साथ सरकार राज्य में संवेदनशील, प्रभावी एवं जनोन्मुखी कानून-व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए निरंतर काम कर रही है। मुख्यमंत्री यहां विधि एवं विधिक कार्य विभाग द्वारा लोक अभियोजकों एवं विशेष लोक अभियोजकों के लिए आयोजित कार्यशाला को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि बदलते कानूनों और न्यायिक दृष्टिकोणों के अनुरूप अधिकारियों का निरंतर प्रशिक्षण अत्यंत आवश्यक है।

शर्मा ने कहा कि यह कार्यशाला लोक अभियोजकों को नए आपराधिक कानूनों, साइबर कानूनों तथा दिव्यांगजनों से जुड़े कानूनों के प्रति अधिक जागरूक, संवेदनशील एवं दक्ष बनाएगी।

उन्होंने कहा कि लोक अभियोजक न्याय व्यवस्था की एक अहम कड़ी हैं, जो विधिक मामलों में राज्य का प्रतिनिधित्व के साथ ही न्याय और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा में भी भूमिका निभाते हैं।

मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी ने तीन नए कानूनों के माध्यम से भारतीय न्याय प्रणाली को औपनिवेशिक सोच से मुक्त कर भारतीय बनाने का परिवर्तनकारी कार्य किया है।

उन्होंने कहा कि इन नए कानूनों में दंड के स्‍थान पर न्‍याय को प्राथमिकता देते हुए इनके केन्द्र में आम नागरिक को रखा गया है और इन कानूनों में ‘डिजिटल इंडिया’ एवं ‘ई-गवर्नेंस’ के माध्‍यम से न्‍याय प्रणाली को आधुनिक बनाने पर बल दिया गया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार तीनों नए आपराधिक कानूनों के सफल क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है।

शर्मा ने कहा, “राज्य सरकार ने 42 अदालतें स्थापित की हैं।”

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार प्रदेशवासियों की साइबर सुरक्षा को लेकर भी अत्यधिक सजग है।

भाषा पृथ्वी जितेंद्र

जितेंद्र


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