राजस्थान : वकील ने आत्महत्या की, पुलिस पर प्रताड़ित करने का आरोप

राजस्थान : वकील ने आत्महत्या की, पुलिस पर प्रताड़ित करने का आरोप

राजस्थान : वकील ने आत्महत्या की, पुलिस पर प्रताड़ित करने का आरोप
Modified Date: November 29, 2022 / 08:53 pm IST
Published Date: August 30, 2022 11:15 am IST

जयपुर, 29 अगस्त (भाषा) राजस्थान के गंगानगर जिले में एक वकील ने अपने घर में फांसी लगाकर कथित तौर पर आत्महत्या कर ली। परिजनों ने आरोप लगाया है कि स्थानीय पुलिस वकील को प्रताड़ित कर रही थी। उन्‍होंने शव लेने से इनकार कर दिया है।

पुलिस के मुताबिक, घटना जिले के घड़साना कस्बे में सोमवार रात हुई। वकील के परिजनों ने आरोप लगाया है कि उसे स्थानीय पुलिस द्वारा अवैध नशीले पदार्थ के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था। परिजनों ने शव लेने से इनकार करते हुए आरोपी पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।

वहीं, पास के अनूपगढ़ कस्बे के अधिवक्ताओं ने इस मामले को लेकर कार्य बहिष्कार का आह्वान किया है।

पुलिस के अनुसार, वकील विजय सिंह झोरड़ ने सोमवार को अपने घर में फांसी लगाने से पहले एक अधिवक्ता मित्र को फोन किया था। झोरड़ के दोस्त ने तुरंत वकील की अध्‍यापक पत्नी को फोन कर इसकी जानकारी दी, जिसके बाद वह स्कूल से घर पहुंची तो विजय सिंह फांसी के फंदे पर लटके मिले।

पुलिस के मुताबिक, मृतक वकील के परिजनों ने आरोप लगाया है कि जब से झोरड़ ने इलाके में अवैध नशीले पदार्थ के खिलाफ आंदोलन शुरू किया था, तब से पुलिस उसे परेशान कर रही थी।

उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने इस साल अप्रैल में झोरड़ की पिटाई की थी। झोरड़ की पत्नी कांता देवी ने घड़साना के थानाधिकारी मदन लाल और पांच अन्य पुलिसकर्मियों पर उनके पति को परेशान करने का आरोप लगाया है।

पुलिस के अनुसार, परिजनों को समझाने की कोशिश की जा रही है और मामले की जांच जारी है।

वहीं, राजस्थान विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ ने इस मामले को लेकर राज्‍य सरकार पर न‍िशाना साधा।

उन्‍होंने ट्वीट किया, “घड़साना बार संघ के पूर्व अध्यक्ष विजय सिंह द्वारा पुलिस प्रताड़ना से परेशान होकर आत्महत्या करने की घटना सरकार के माथे पर कलंक है। इससे वकीलों में गहरा आक्रोश है।”

राठौड़ ने कहा, “कस्बे में नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान चलाने वाले वकील की पुलिसकर्मियों ने पहले भी बेरहमी से पिटाई की थी। पुलिस प्रताड़ना के कारण ही वकील को मजबूरन आत्महत्या जैसा कदम उठाना पड़ा।”

उन्‍होंने कहा, “मेरी मांग है कि पीड़ित परिवार को शीघ्र न्याय मिले और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।”

भाषा

पृथ्‍वी

मनीषा पारुल

पारुल


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