राजस्थान: अश्लील विज्ञापनों, फर्जी ऐप से मोबाइल नियंत्रण की कोशिश, पुलिस ने दी चेतावनी

राजस्थान: अश्लील विज्ञापनों, फर्जी ऐप से मोबाइल नियंत्रण की कोशिश, पुलिस ने दी चेतावनी

राजस्थान: अश्लील विज्ञापनों, फर्जी ऐप से मोबाइल नियंत्रण की कोशिश, पुलिस ने दी चेतावनी
Modified Date: September 1, 2026 / 09:21 pm IST
Published Date: September 1, 2026 9:21 pm IST

जयपुर, एक सितंबर (भाषा) राजस्थान पुलिस ने मंगलवार को बताया कि साइबर ठग अश्लील विज्ञापनों और फर्जी एंड्रॉयड एप्लिकेशन के जरिए मोबाइल फोन पर नियंत्रण हासिल कर संवेदनशील डेटा चुराने व अनधिकृत वित्तीय लेनदेन करने की कोशिश कर रहे हैं।

राज्य पुलिस की साइबर अपराध शाखा ने सोशल मीडिया मंचों पर अश्लील विज्ञापनों और लिंक के जरिए प्रसारित किए जा रहे संदिग्ध एपीके फाइल डाउनलोड नहीं करने की सलाह दी।

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर अपराध) वी. के. सिंह ने बताया कि सोशल मीडिया पर ‘नाइट प्ले’, ‘रीलूप’, ‘विमो’, ‘रिवो’, ‘नेक्सो’ और ‘विक्सा’ जैसे नाम वाले एप्लिकेशन के विज्ञापन प्रसारित किए जा रहे हैं।

परामर्श के अनुसार, ऐसे विज्ञापनों पर क्लिक करने से उपयोगकर्ता अश्लील या फर्जी वेबसाइट पर जाकर अज्ञात स्रोतों से एपीके फाइल डाउनलोड कर सकते हैं। परामर्श में बताया गया कि ऐप इंस्टॉल होने के बाद वह ‘ऐप अपडेट’ के नाम पर एक और पैकेज डाउनलोड करने के लिए कह सकता है।

पुलिस के अनुसार, इन अनुमतियों की मंजूरी मिलने के बाद यह फर्जी ऐप फोन पर व्यापक नियंत्रण हासिल कर सकता है और सक्रिय रह सकता है।

सिंह ने बताया कि कुछ ऐसे ऐप फोन में वर्चुअल प्राइवेट नेटवर्क (वीपीएन) भी इंस्टॉल कर सकते हैं, जिससे मोबाइल का इंटरनेट ट्रैफिक साइबर अपराधियों के नियंत्रण वाले सर्वर के जरिए संचालित किया जा सकता है।

उन्होंने बताया कि मोबाइल पर नियंत्रण हासिल करने के बाद ठग फोन से जुड़े बैंक खातों और अन्य वित्तीय सेवाओं से अनधिकृत लेनदेन कर सकते हैं।

परामर्श में बताया गया कि कुछ दुर्भावनापूर्ण ऐप सामान्य प्रक्रिया के जरिए खुद को अनइंस्टॉल करने से भी रोक सकते हैं।

पुलिस ने लोगों को अपने बैंक खातों और यूपीआई लेनदेन की नियमित निगरानी करने तथा किसी संदिग्ध गतिविधि की स्थिति में तत्काल संबंधित बैंक व साइबर अपराध हेल्पलाइन से संपर्क करने की सलाह दी।

भाषा बाकोलिया जितेंद्र

जितेंद्र


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