राजस्थान: 3.56 लाख गर्भवतियों के रिकॉर्ड का किया निरीक्षण, 37 हजार से अधिक उच्च जोखिम में
राजस्थान: 3.56 लाख गर्भवतियों के रिकॉर्ड का किया निरीक्षण, 37 हजार से अधिक उच्च जोखिम में
जयपुर, 20 जुलाई (भाषा) राजस्थान के चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के पांच दिवसीय विशेष सघन निरीक्षण अभियान के तहत 3.56 लाख से अधिक गर्भवती महिलाओं के रिकॉर्ड का निरीक्षण किया गया और इस दौरान 37,558 गर्भवतियों को उच्च जोखिम श्रेणी में चिन्हित कर उनके उपचार, जांच, रिकॉर्ड संधारण व सेवा गुणवत्ता का विशेष मूल्यांकन किया गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने सोमवार को यह जानकारी दी।
अधिकारी ने बताया कि यह अभियान 15 से 19 जुलाई के बीच चलाया गया था।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग की प्रमुख शासन सचिव गायत्री राठौड़ ने बताया कि उच्च जोखिम श्रेणी में शामिल गर्भवतियों की सतत निगरानी के लिए संबंधित सहायक नर्स को हर तीसरे दिन उनके घर जाकर स्वास्थ्य स्थिति का आकलन करने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने बताया कि अभियान के दौरान 14,836 गर्भवती महिलाओं का वास्तविक सत्यापन और साक्षात्कार कर स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता का आकलन किया गया तथा पाई गई कमियों को तत्काल दूर करने के निर्देश दिए गए।
राठौड़ ने बताया कि अभियान के दौरान 8,414 स्वास्थ्य संस्थानों का भी निरीक्षण किया गया और इस दौरान दवाओं एवं जांच सेवाओं की उपलब्धता, उपकरणों की कार्यशीलता, साफ-सफाई और अन्य मानकों के आधार पर गुणवत्ता का मूल्यांकन किया गया।
उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री सुरक्षित मातृत्व अभियान (पीएमएसएमए) के 3,062 सत्रों के माध्यम से 1.05 लाख गर्भवती महिलाओं को विशेषज्ञ सेवाएं उपलब्ध कराई गईं।
अधिकारी ने बताया कि अभियान के दौरान 98,247 महिलाओं के रक्त की जांच की गई, 12,173 महिलाओं को आयरन सुक्रोज, 9,284 महिलाओं को एफसीएम इंजेक्शन और 16,634 महिलाओं को निःशुल्क सोनोग्राफी के लिए वाउचर उपलब्ध कराए गए।
भाषा बाकोलिया जितेंद्र
जितेंद्र

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