राजस्थान: मुख्यमंत्री काफिले से पहले पुलिस कार्रवाई में महिला झुलसी, विपक्ष ने साधा निशाना
राजस्थान: मुख्यमंत्री काफिले से पहले पुलिस कार्रवाई में महिला झुलसी, विपक्ष ने साधा निशाना
जयपुर, 23 जून (भाषा) राजस्थान के जयपुर में मुख्यमंत्री का काफिला निकलने से पहले रामनगरिया क्षेत्र में सड़क किनारे लगे ठेलों को हटाने की पुलिस कार्रवाई के दौरान कथित रूप से एक ठेले को धक्का दिये जाने से गैस पर रखा उबलता हुआ पानी एक महिला पर गिर गया, जिससे वह गंभीर रूप से झुलस गई। अधिकारियों ने यह जानकारी दी।
विपक्ष ने इस घटना को लेकर सरकार की कड़ी आलोचना की।
अधिकारियों के अनुसार, यह घटना 19 जून की शाम जगतपुरा के महल रोड के पास उस समय हुई, जहां मुख्यमंत्री का काफिला गुजरने से कुछ मिनट पहले पुलिस अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई कर रही थी।
पुलिस के मुताबिक, महिला द्वारा 22 जून को शिकायत दर्ज कराई गई।
पीड़िता के परिजनों के मुताबिक, मोमोज का ठेला लगाने वाली पीड़िता और पुलिसकर्मियों के बीच बहस हो गई।
परिजनों ने आरोप लगाया कि बहस के दौरान एक पुलिसकर्मी ने ठेले को धक्का दे दिया, जिससे गैस पर रखा उबलता हुआ पानी महिला पर जा गिरा।
पुलिस के मुताबिक, पीड़िता की पहचान रेशु गुप्ता के रूप में हुई है और उसके कंधे, सीने, जांघ और शरीर के अन्य हिस्सों पर जलने के घाव हैं।
रेशु की बड़ी बहन खुशबू ने दावा किया कि उन्होंने पुलिस से ठेला सुरक्षित तरीके से हटाने के लिए कुछ समय देने का अनुरोध किया था क्योंकि उसपर गर्म बर्तन रखे हुए थे लेकिन पुलिसकर्मियों ने जल्दबाजी में कार्रवाई की।
पुलिस ने बताया कि वीआईपी मूवमेंट के मद्देनजर सड़क किनारे लगे ठेले हटाए जा रहे थे।
पुलिस ने बताया कि घटना की जांच जारी है और दोनों पक्षों के अलग-अलग बयान सामने आए हैं।
सदर थाना प्रभारी चंद्रभान सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पुलिस उपायुक्त (पूर्व) रंजीता शर्मा ने कहा कि सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने घटना की निंदा करते हुए इसे ‘‘बेहद चिंताजनक और अस्वीकार्य’’ बताया।
उन्होंने कहा कि वीआईपी मूवमेंट के नाम पर इस तरह की कार्रवाई आजीविका कमाने वाले लोगों के प्रति असंवेदनशीलता को दर्शाती है।
जूली ने आरोप लगाया कि एक ओर प्रशासन यातायात व्यवधान कम करने के दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर जमीनी स्तर पर अधिकारियों का व्यवहार उन दावों के विपरीत था।
उन्होंने दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
भाषा बाकोलिया जितेंद्र
जितेंद्र

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