राजस्थान का पत्थर उद्योग नई ऊंचाइयां छूने के लिए तैयार: मुख्यमंत्री शर्मा

राजस्थान का पत्थर उद्योग नई ऊंचाइयां छूने के लिए तैयार: मुख्यमंत्री शर्मा

राजस्थान का पत्थर उद्योग नई ऊंचाइयां छूने के लिए तैयार: मुख्यमंत्री शर्मा
Modified Date: February 5, 2026 / 03:58 pm IST
Published Date: February 5, 2026 3:58 pm IST

जयपुर, चार फरवरी (भाषा) मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बृहस्पतिवार को कहा कि राजस्थान का पत्थर उद्योग नई ऊंचाइयां छूने के लिए पूरी तरह तैयार है और सरकार इस उद्योग को मजबूत बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी उद्यमियों से राज्य में मिलकर पत्थर उद्योग को देश में सिरमौर बनाने की अपील की। शर्मा ‘इंडिया स्टोन मार्ट’ के उद्घाटन सत्र को संबोधित कर रहे थे।

उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के दूरदर्शी और कुशल नेतृत्व में आज भारत वैश्विक विनिर्माण का केंद्र बनकर उभर रहा है।

शर्मा ने कहा, “‘मेक इन इंडिया‘ और ‘आत्मनिर्भर भारत‘ की महत्वाकांक्षी परिकल्पना ने उद्योगों को नई दिशा और नया विश्वास दिया है।”

उन्होंने कहा कि भारतीय ग्रेनाइट, संगमरमर और ‘सैंडस्टोन’ दुनियाभर में प्रसिद्ध है तथा भारत पत्थर निर्यातक के साथ मूल्य संवर्धन व नवाचार का केंद्र भी बन रहा है।

आधिकारिक बयान के अनुसार, शर्मा ने कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार ने पत्थर उद्योग सहित सभी प्रकार के उद्योगों के लिए निवेश-अनुकूल वातावरण तैयार करने का काम किया है।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने अनेक नीतियां लागू कीं है, जिससे निवेश करना आसान हुआ है और आर्थिक विकास, नवाचार एवं रोजगार सृजन के भी कई नए मार्ग खुले हैं।

शर्मा ने कहा कि पूर्ववर्ती सरकार के समय उद्योगों के लिए कोई स्पष्ट नीति नहीं थी, जिससे उद्योगपति दूसरे राज्यों की तरफ पलायन करने लगे थे और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर भी कम हो गए थे।

उन्होंने कहा कि लेकिन मौजूदा सरकार द्वारा प्रत्येक कार्य निष्पक्षता और पारदर्शिता से किया जा रहा है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार का संकल्प है कि राज्य की अर्थव्यवस्था को वर्ष 2030 तक 350 बिलियन डॉलर इकोनॉमी बनाया जाए।

वहीं उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राज्यवर्धन राठौड़ ने कहा कि मुख्यमंत्री शर्मा के कुशल नेतृत्व में राज्य सरकार पत्थर उद्योग को आगे बढ़ाने के लिए तत्पर है।

उन्होंने कहा कि यह आयोजन राज्य के पत्थर से जुड़े उद्यमियों को वैश्विक पटल पर आगे ले जाने के लिए सहायक सिद्ध होगा।

भाषा पृथ्वी जितेंद्र

जितेंद्र


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