राज्यसभा की बैठक अनिश्चित काल के लिए स्थगित

राज्यसभा की बैठक अनिश्चित काल के लिए स्थगित

राज्यसभा की बैठक अनिश्चित काल के लिए स्थगित
Modified Date: April 18, 2026 / 11:55 am IST
Published Date: April 18, 2026 11:55 am IST

नयी दिल्ली, 18 अप्रैल (भाषा) राज्यसभा की बैठक शनिवार को अनिश्चित काल के लिए स्थगित कर दी गई।

राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने उच्च सदन के 270वें सत्र को अनिश्चित काल के लिए स्थगित करने से पहले अपने पारंपरिक संबोधन में कहा कि संसद के तीनों सत्रों में बजट सत्र का विशेष महत्व होता है, क्योंकि यह न केवल सबसे लंबा सत्र होता है, बल्कि देश के विकास की दिशा तय करने में भी सबसे अधिक महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

सभापति ने बताया कि सत्र की शुरुआत राष्ट्रपति के अभिभाषण पर धन्यवाद प्रस्ताव पर चर्चा से हुई, जो चार दिन तक चली और इसमें 79 सदस्यों ने भाग लिया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने चर्चा का जवाब दिया।

उन्होंने कहा कि केंद्रीय बजट 2026-27 पर भी चार दिन तक विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें 97 सदस्यों ने भाग लिया। इसके अलावा, सदन में सरकार के दो प्रमुख मंत्रालयों के कामकाज पर भी चर्चा हुई।

सभापति ने कहा कि सत्र में वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने भारत-अमेरिका द्विपक्षीय व्यापार समझौते पर तथा विदेश मंत्री एस जयशंकर ने पश्चिम एशिया की स्थिति पर अपनी ओर से वक्तव्य दिए। वहीं, प्रधानमंत्री मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष और उससे भारत की ऊर्जा जरूरतों पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में सदन को अवगत कराया और इस चुनौती से निपटने के लिए राष्ट्रीय एकजुटता पर जोर दिया।

सभापति के अनुसार, बजट सत्र के दौरान सदन में कुल 157 घंटे 40 मिनट तक कामकाज हुआ और इसकी कार्य उत्पादकता 109.87 प्रतिशत रही। उन्होंने बताया कि इस दौरान 117 प्रश्न पूछे गए, 446 शून्यकाल उल्लेख हुए और 207 विशेष उल्लेख लिए गए।

राधाकृष्णन ने यह भी बताया कि 16 से 18 अप्रैल तक चली सदन की विशेष तीन दिवसीय बैठक के दौरान हरिवंश को उपसभापति के पद पर निर्विरोध निर्वाचित किया गया।

सत्र के दौरान सदन में उभयलिंगी व्यक्ति (अधिकारों का संरक्षण) संशोधन विधेयक, 2026, सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026, दिवाला और शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक, 2025, आंध्र प्रदेश पुनर्गठन (संशोधन) विधेयक, 2026, जन विश्वास (उपबंधों का संशोधन) विधेयक 2026 और औद्योगिक संबंध संहित (संशोधन) विधेयक, 2026 पर चर्चा की गई और इन्हें पारित किया गया।

राधाकृष्णन ने बताया कि सत्र के दौरान 50 निजी विधेयक पेश किए गए। साथ ही, 94 अवसरों पर सदस्यों ने संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल 12 क्षेत्रीय भाषाओं में अपने विचार रखे।

भाषा मनीषा वैभव

वैभव


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