आम आदमी पार्टी के सात सांसदों के भाजपा में विलय को राज्यसभा के सभापति ने स्वीकार किया

आम आदमी पार्टी के सात सांसदों के भाजपा में विलय को राज्यसभा के सभापति ने स्वीकार किया

आम आदमी पार्टी के सात सांसदों के भाजपा में विलय को राज्यसभा के सभापति ने स्वीकार किया
Modified Date: April 27, 2026 / 11:37 am IST
Published Date: April 27, 2026 11:37 am IST

नयी दिल्ली, 27 अप्रैल (भाषा) राज्यसभा के सभापति सी पी राधाकृष्णन ने आम आदमी पार्टी (आप) के सात सांसदों के भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में विलय को सोमवार को आधिकारिक तौर पर स्वीकार कर लिया, जिससे उच्च सदन में अरविंद केजरीवाल की आम आदमी पार्टी के सदस्यों की संख्या 10 से घटकर तीन रह गई।

साथ ही उच्च सदन में भाजपा सदस्यों की संख्या बढ़कर 113 हो गई है।

राघव चड्ढा, अशोक मित्तल, हरभजन सिंह, संदीप पाठक, विक्रमजीत साहनी, स्वाति मालीवाल और राजिंदर गुप्ता वे सात सांसद हैं जो भाजपा में शामिल हुए हैं।

राज्यसभा की वेबसाइट पर अब ये सातों सांसद भाजपा के सदस्यों की सूची में दिखाए गए हैं।

सूत्रों के मुताबिक, शुक्रवार को सातों सांसदों ने राज्यसभा के सभापति को पत्र लिखकर उन्हें विलय के बाद भाजपा सांसद माने जाने का अनुरोध किया था, जिसे स्वीकार कर लिया गया है।

आम आदमी पार्टी (आप) ने रविवार को राज्यसभा के सभापति को एक पत्र लिखकर दल बदल करने वाले सातों सांसदों की सदस्यता समाप्त करने का अनुरोध किया था।

आम आदमी पार्टी के सांसद संजय सिंह ने कहा कि उन्होंने सभापति राधाकृष्णन को पत्र देकर उच्च सदन में पार्टी के उन सातों सांसदों को अयोग्य ठहराने का अनुरोध किया है, जिन्होंने हाल ही में आप छोड़कर भाजपा में विलय की घोषणा की थी।

पिछले शुक्रवार को आप को तब बड़ा झटका लगा था जब सातों राज्यसभा सदस्यों ने पार्टी छोड़ दी थी और भाजपा में विलय की घोषणा कर दी थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि केजरीवाल के नेतृत्व वाली पार्टी अपने सिद्धांतों, मूल्यों और मूल नैतिक मूल्यों से भटक गई है।

भाषा अमित मनीषा

मनीषा


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