Ram Mandir Donation Theft Case: इस जगह मिलते थे सभी चोर, फिर होता था सामानों का बँटवारा!.. राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में अब तक का सबसे बड़ा खुलासा, पढ़ें
Ram Mandir Donation Theft Case Biggest Revelation: राम मंदिर चढ़ावा मामले में बड़ा खुलासा, आरोपी के दावों पर जांच तेज, बैंक खाते, संपत्तियां और कार भी जांच के घेरे में।
Ram Mandir Donation Theft Case Biggest Revelation || Image- AI Generated file
- आरोपी से दो घंटे तक हुई गहन पूछताछ।
- कथित पैसे छिपाने और बांटने का दावा।
- बैंक खातों और संपत्तियों की जांच तेज।
अयोध्या: राम मंदिर के चढ़ावे में कथित गड़बड़ी की जांच कर रही पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी अविनाश शुक्ला से अदालत की अनुमति के बाद करीब दो घंटे तक पूछताछ की। (Ram Mandir Donation Theft Case Biggest Revelation) पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने कथित तौर पर बताया कि चढ़ावे के पैसे कैसे बाहर निकाले जाते थे। हालांकि पुलिस ने साफ कहा है कि आरोपी के इन दावों की अभी जांच की जा रही है।
IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे WhatsApp ग्रुप से जुड़े
आरोपी ने किये हैरान कर देने वाले खुलासे
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ने दावा किया कि कथित तौर पर चढ़ावे के पैसे पहले मंदिर परिसर के शौचालय में छिपाए जाते थे और बाद में मौका देखकर बाहर ले जाए जाते थे। पुलिस अब इस पूरे दावे की सच्चाई की जांच कर रही है।
मारुति ब्रेज़ा कार बरामद
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, रिमांड के दौरान अविनाश शुक्ला ने कई और अहम बातें भी बताईं। आरोपी ने कथित तौर पर कहा कि चोरी के बाद सभी आठ आरोपी 14 कोसी परिक्रमा मार्ग के पास इकट्ठा होते थे और वहीं नकदी व अन्य कीमती सामान का आपस में बंटवारा करते थे। (Ram Mandir Donation Theft Case Biggest Revelation) आरोपी के इस कथित खुलासे के बाद पुलिस ने अयोध्या के कौशलपुरी कॉलोनी से मारुति ब्रेज़ा (UP42 AP 6054) बरामद की है। पुलिस का दावा है कि इस गाड़ी का इस्तेमाल कथित तौर पर पैसे ले जाने के लिए किया जाता था। बताया जा रहा है कि आरोपी ने यह कार करीब एक साल पहले खरीदी थी।
पूछताछ के दौरान आरोपी ने दान गिनने वाले कमरे की व्यवस्था, चाबियों के इस्तेमाल, सीसीटीवी कैमरों की जानकारी और कई लोगों की कथित भूमिका के बारे में भी जानकारी दी। पुलिस का कहना है कि इन सभी दावों का अलग-अलग सबूतों के आधार पर सत्यापन किया जा रहा है।
बैंक खातों, लेन-देन और संपत्तियों की जांच
अब जांच केवल गिरफ्तार आरोपियों तक सीमित नहीं है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि कथित तौर पर निकाले गए पैसों का इस्तेमाल कहां किया गया। इसके लिए बैंक खातों, लेन-देन और संपत्तियों की जांच की जा रही है। (Ram Mandir Donation Theft Case Biggest Revelation) साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि इस मामले में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं।
IBC24 News के लेटेस्ट Updates और ताजा समाचार के लिए हमारे Instagram Page को Follow करें
आरोपियों से 58 लाख रुपये बरामद
गौरतलब है कि उत्तर प्रदेश सरकार ने 13 जून को इस मामले की जांच के लिए एसआईटी (विशेष जांच दल) का गठन किया था। अधिकारियों के अनुसार, एफआईआर दर्ज होने से पहले आरोपियों के पास से 58 लाख रुपये बरामद किए गए थे, जबकि कुछ रकम बैंक खातों के जरिए भी वापस जमा कराई गई थी। फिलहाल एसआईटी साक्ष्य जुटाने और सभी तथ्यों की जांच में जुटी है। मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच पूरी होने और अदालत में रिपोर्ट पेश होने के बाद ही सामने आएगा।
Ayodhya, Uttar Pradesh: In the Ram Mandir donation row, mastermind Avinash Shukla was taken to a site near the 14 Kosi Parikrama Marg during police remand, where he identified the location where the stolen money was distributed among the eight accused, including Anukalp Mishra,… pic.twitter.com/ntObwGBAaD
— IANS (@ians_india) July 3, 2026
इन्हें भी पढ़ें:
आईटीयू-समर्थित ‘एआई फॉर गुड ग्लोबल कमीशन’ में अंबानी, मित्तल संस्थापक सदस्य बने
कांग्रेस के विधान परिषद सदस्य ने मुंबई में 4,446 खुले मैनहोल को लेकर जताई चिंता
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे का एक हिस्सा धंसने के मामले में दो अधिकारी निलंबित
देश के कुल आम उत्पादन में उत्तर प्रदेश का 26 प्रतिशत का योगदान : योगी आदित्यनाथ
हुडको से एक लाख करोड़ रुपये के वित्तपोषण का समझौता, टाउनशिप के विकास को मिलेगी गति: मुख्यमंत्री

Facebook


