अयोध्या/लखनऊ, 11 जून (भाषा) राम मंदिर ट्रस्ट से जुड़े दान और चढ़ावे में कथित अनियमितताओं को लेकर गहराते विवाद के बीच ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव के दावों को लोगों ने गंभीरता से नहीं लिया।
महंत कमल नयन दास ने कहा कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता सामने आई है तो उसकी जांच होनी चाहिए, लेकिन जांच प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। उन्होंने कहा, “आज का माहौल आरोप-प्रत्यारोप से भरा है। एक पक्ष दूसरे पर आरोप लगा रहा है, वहीं जांच करने वालों की ईमानदारी पर भी सवाल उठ रहे हैं।”
उन्होंने आगे कहा कि राम जन्मभूमि से जुड़े किसी भी मामले में यदि संदेह होता है तो उसकी जांच आवश्यक है, लेकिन ऐसी जांच होनी चाहिए जिस पर सभी पक्षों को भरोसा हो।
यह विवाद उस समय और गहरा गया जब राम मंदिर के पूर्व लेखा प्रभारी महिपाल सिंह ने आरोप लगाया कि दान की राशि में लंबे समय से अनियमितताएं हो रही थीं और नोटों की ट्रॉलियों में हेराफेरी कर धन की चोरी की गई। उन्होंने प्रबंधन से जुड़े कुछ लोगों पर भी सवाल उठाए और दावा किया कि शिकायत के बाद उन्हें पद से हटा दिया गया।
इसी बीच लखनऊ में केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने कहा कि समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के सोशल मीडिया दावों को जनता गंभीरता से नहीं लेती। उन्होंने कहा, “उप्र के लोग उनके पोस्ट पर विश्वास नहीं करते।”
गोयल ने पूर्ववर्ती समाजवादी पार्टी सरकार पर विकास में बाधा, कानून-व्यवस्था की खराब स्थिति और भेदभाव की राजनीति का आरोप भी लगाया। उन्होंने दावा किया कि 2027 के विधानसभा चुनावों के बाद उत्तर प्रदेश में भाजपा की सरकार दोबारा बनेगी।
इस बीच सूत्रों ने बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ ने भी मामले की रिपोर्ट तलब की है।
भाषा सं जफर मनीषा
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