(टी जी बीजू)
तिरुवनंतपुरम, चार मार्च (भाषा) कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं राज्यसभा सांसद जयराम रमेश ने संसद में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की ‘‘अत्यधिक’’ प्रशंसा करने के लिए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सांसदों की आलोचना करते हुए कहा कि उनके भाषण सुनकर कभी-कभी उन्हें ऐसा महसूस होता है जैसे वह तानाशाही देश उत्तर कोरिया की संसद में बैठे हों।
रमेश ने ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए एक साक्षात्कार में अमेरिका और इजराइल की सेनाओं द्वारा ईरान पर किए गए हमलों के बाद भारत की विदेश नीति से जुड़े सवालों का जवाब देते हुए आरोप लगाया कि देश से संबंधित सभी अहम फैसले एक ही व्यक्ति द्वारा संभाले जाते हैं, चाहे वह विदेश नीति का मामला हो या वित्त का।
लंबे समय से राज्यसभा सदस्य रहे रमेश ने कहा कि जब वह नयी दिल्ली में सत्तारूढ़ दल के सांसदों के भाषण सुनते हैं तो कभी-कभी उन्हें ऐसा लगता है कि वह ‘‘उत्तर कोरिया की संसद’’ में बैठे हैं- यह वैसा ही प्रतीत होता है जैसे किम जोंग उन के संसद में आने पर वहां के सांसद प्रतिक्रिया देते हैं।
रमेश ने कहा, ‘‘आज सब कुछ एक ही व्यक्ति पर केंद्रित है और सब उसी के इर्द-गिर्द घूमता है। इसलिए यह प्रधानमंत्री की विदेश नीति है, उन्हीं का बजट है। सब कुछ प्रधानमंत्री का है।’’
कांग्रेस की राष्ट्रीय इकाई के महासचिव (संचार) रमेश ने कहा कि जब संसद का सत्र चलता है तो वह सुबह सबसे पहले पहुंचते हैं और सबसे अंत में जाते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘मुझे कभी-कभी ऐसा लगता है कि मैं उत्तर कोरिया की संसद में बैठा हूं। मैं भाजपा के लोगों को सुनता हूं। विषय चाहे जो भी हो, मुद्दा चाहे जो भी हो, उनके भाषण का 90 प्रतिशत हिस्सा प्रधानमंत्री की प्रशंसा में ही बीतता है। विषय से कोई लेना-देना नहीं, विधेयक से कोई संबंध नहीं। वे बस प्रधानमंत्री की प्रशंसा करते रहते हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘प्रधानमंत्री के प्रवेश करने पर नारे लगते हैं। तालियां बजती हैं, ‘मोदी, मोदी, मोदी’ के नारे लगाए जाते हैं। क्या यह भारत की संसद है।’’
रमेश ने 1971 में पाकिस्तान के साथ हुए युद्ध का जिक्र करते हुए कहा कि उस समय की प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी को 16 दिसंबर 1971 को पाकिस्तान के आत्मसमर्पण के बाद उत्साहपूर्ण अभिवादन मिला होगा, जब दिवंगत अटल बिहारी वाजपेयी ने उन्हें ‘‘दुर्गा’’ कहा था।
उन्होंने कहा, ‘‘शायद उस दिन सब लोगों ने उनकी जय-जयकार की होगी। लेकिन (प्रधानमंत्री मोदी) वह जब भी संसद में आते हैं… ‘मोदी’ भजन सुनाई देते हैं।’’
भाषा यासिर खारी
खारी