रणथंभौर :‘इंटरनेशनल टाइगर वीक’ आरंभ, संरक्षण और मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व पर जोर

रणथंभौर :‘इंटरनेशनल टाइगर वीक’ आरंभ, संरक्षण और मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व पर जोर

रणथंभौर :‘इंटरनेशनल टाइगर वीक’ आरंभ, संरक्षण और मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व पर जोर
Modified Date: June 27, 2026 / 01:05 am IST
Published Date: June 27, 2026 1:05 am IST

जयपुर, 26 जून (भाषा) रणथंभौर में शुक्रवार को दो दिवसीय ‘इंटरनेशनल टाइगर वीक 2026‘ आरंभ हुआ जिसमें देशभर के प्रमुख वन्यजीव संरक्षण विशेषज्ञ, नीति-निर्माता और पर्यावरणविद शामिल हो रहे हैं।

इस कार्यक्रम में पारिस्थितिकी तंत्र आधारित संरक्षण और मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व को बढ़ावा देने पर जोर रहेगा।

सम्मेलन का उद्घाटन दिल्ली उच्च न्यायालय के पूर्व न्यायाधीश जस्टिस धर्मेश शर्मा ने किया। उन्होंने भारत की प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण के लिए सामूहिक जिम्मेदारी, संतुलित नीतियों और जनभागीदारी की आवश्यकता पर बल दिया।

मुख्य वक्तव्य देते हुए प्रख्यात वन्यजीव संरक्षण विशेषज्ञ लतिका नाथ ने पारिस्थितिकी तंत्र आधारित प्रबंधन अपनाने की आवश्यकता बताई।

उन्होंने कहा,’हम बाघ की निगरानी तो कर रहे हैं, लेकिन क्या पूरे पारिस्थितिकी तंत्र की निगरानी कर रहे हैं?’

उन्होंने कहा कि बाघों की स्थायी आबादी के लिए स्वस्थ पारिस्थितिकी तंत्र, पर्याप्त शिकार आधार और सुरक्षित आवास अनिवार्य हैं।

वन्यजीव संरक्षण विशेषज्ञ डॉ. अनीश अंधेरिया ने बढ़ते राजमार्गों और रेल कॉरिडोर जैसी आधारभूत परियोजनाओं के बीच संरक्षण और विकास में संतुलन बनाने के लिए व्यावहारिक उपाय अपनाने की जरूरत बताई।

भाषा बाकोलिया राजकुमार

राजकुमार


लेखक के बारे में