रास : सत्ता पक्ष ने किया अर्थव्यवस्था मजबूत होने का दावा, विपक्ष ने कहा कि सरकार की कोई उपलब्धि नहीं

रास : सत्ता पक्ष ने किया अर्थव्यवस्था मजबूत होने का दावा, विपक्ष ने कहा कि सरकार की कोई उपलब्धि नहीं

रास : सत्ता पक्ष ने किया अर्थव्यवस्था मजबूत होने का दावा, विपक्ष ने कहा कि सरकार की कोई उपलब्धि नहीं
Modified Date: February 12, 2026 / 02:21 pm IST
Published Date: February 12, 2026 2:21 pm IST

नयी दिल्ली, 12 फरवरी (भाषा) आम आदमी के विकास को सरकार की प्राथमिकता बताते हुए राज्यसभा में बृहस्पतिवार को सत्ता पक्ष ने कहा कि भारत का दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बनना बताता है कि सरकार ने कितना काम किया है। वहीं विपक्ष ने दावा किया कि उपलब्धियों के नाम पर सरकार के खाते में कुछ भी नहीं है।

राज्यसभा में बजट 2026-27 पर हो रहीं चर्चा को आगे बढ़ाते हुए भाजपा के मदन राठौर ने कहा कि यह बजट एक पूर्ण बजट है और इसमें पिछले साल तक हुए सरकार के कामकाज को आगे बढ़ाने के लिए समुचित प्रावधान किए गए हैं।

उन्होंने कहा कि केवल विरोध करना है इसलिए बजट की आलोचना नहीं की जानी चाहिए बल्कि उसके सकारात्मक पक्षों को भी देखना चाहिए। उन्होंने कहा कि अगर कांग्रेस सरकार के कार्यकाल से तुलना की जाए तो यह बजट हर मायने में बेहतर है।

कांग्रेस के जी सी चंद्रशेखर ने कहा कि सरकार का ध्यान विज्ञापनों पर अधिक है, वह पुरानी योजनाओं को समाप्त कर रही है और कई का नाम बदल रही है। उन्होंने कहा ‘‘उपलब्धियों के नाम पर उसके खाते में कुछ भी नहीं है।’’

उन्होंने कहा कि अच्छे दिन लाने का वादा करने वाली सरकार ने आम आदमी के अच्छे दिन अब तक नहीं लाए, उल्टे आम आदमी की समस्याएं बढ़ी हैं। ‘‘आम आदमी के लिए इस बजट में कुछ नहीं है बल्कि यह पूरा बजट कारपोरेट जगत के लिए है।’’

चंद्रशेखर ने दावा किया कि पिछले साल विभिन्न मंत्रालयों में कई योजनाओं के लिए आवंटित पूरी राशि खर्च ही नहीं की गई। ‘‘ज्यादातर योजनाएं गरीब केंद्रित होती हैं क्योंकि संपन्न वर्ग के लिए वित्त कोई समस्या नहीं होता। गरीब केंद्रित योजनाओं की पूरी राशि खर्च न हो पाने से, गरीबों के प्रति सरकार की उदासीनता साफ जाहिर होती है।’’

भाजपा के शंभुशरण पटेल ने कहा कि यह बजट 140 करोड़ देशवासियों के सपने साकार करने वाला बजट है जो 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य पूरा करने की दिशा में एक कदम है।

उन्होंने कहा ‘‘दुनिया की जीडीपी घट रही है वहीं भारत सात फीसदी की विकास दर के साथ दुनिया की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बना हुआ है।’’

पटेल ने कहा ‘‘कभी बीमारू राज्य कहलाने वाला बिहार आज शतप्रतिशत विद्युतीकरण, पांच एक्सप्रेस वे, सात से अधिक वंदे भारत, नालंदा विश्वविद्यालय के साथ प्रगति के नए आयाम रच रहा है।’’

इसी पार्टी के मयंक कुमार नायक ने कहा कि हर मद में बजट बढ़ाया गया है और कोई भी वर्ग उपेक्षा का दावा नहीं कर सकता। भाजपा के ही केसरीदेव सिंह झाला ने कहा कि प्रदूषण एक बड़ी समस्या बनता जा रहा है और इस समस्या के हल के लिए बजट में 20 हजार करोड़ रुपये तय करना बेहतर कदम है।

भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी के संदोष कुमार पी ने कहा कि सरकार खुद बताए कि उसने आम आदमी के लिए इस बजट में क्या दिया है। उन्होंने कहा ‘‘हम कहते हैं कि बजट में केरल को कुछ नहीं मिला। ओडिशा की यही शिकायत है। पंजाब ने भी खुद को उपेक्षित बताया। फिर बजट में किसका ध्यान रखा गया है ? केवल कारपोरेट जगत का।’’

उन्होंने कहा कि केरल के लिए एम्स, हाई स्पीड कारीडोर, प्रवासी भारतीयों के लिए पैकेज की मांग आखिर की जाती रहेगी और ये मांगें सरकार कभी पूरी करेगी या नहीं। उन्होंने कहा ‘‘वायनाड भूस्खलन की त्रासदी के बाद आज तक केंद्रीय मदद की बाट जोह रहा है। यह कड़वी सचाई है।’’

भाजपा के अमरपाल मौर्य ने कहा कि यह बजट देश के दीर्घकालिक निर्माण की नींव रखता है।

शिवसेना (उबाठा) की प्रियंका चतुर्वेदी ने कहा कि बजट से 60 साल से अधिक उम्र के बुजुर्ग बजट में अपने लिए कुछ सुविधा की उम्मीद लगाए हुए थे लेकिन वह लोग निराश हो गए।

उन्होंने कहा कि अनुमान है कि 2050 में 30 करोड़ लोग 60 साल से अधिक उम्र के होंगे। ‘‘कोविड काल में देश में कई तरह की रियायतों को खत्म कर दिया गया था। रेलवे में 8913 करोड़ रुपये कमाए लेकिन बुजुर्गों से कोविड काल में वापस ली गई रियायत आज तक उन्हें नहीं दी गई।’’

प्रियंका ने मांग की कि बुजुर्गों के लिए व्हील चेयर, डायपर आदि पर लगाया गया 18 फीसदी जीएसटी वापस लिया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि साइबर फ्रॉड और साइबर गिरफ्तारी के मामले बुजुर्गों के साथ अधिक हो रहे हैं लेकिन इससे उनकी सुरक्षा के लिए बजट में कुछ नहीं कहा गया।

भाजपा की सीमा द्विवेदी ने हर जिले में महिला छात्रावास खोलने की सरकार की घोषणा को सराहनीय बताया। उन्होंने उत्तर प्रदेश में आयुर्वेदिक संस्थान स्थापित करने की मांग भी की।

इसी पार्टी के राजीव भट्टाचार्य ने कहा कि शिक्षा के बजट में 14.2 फीसदी की वृद्धि की गई है, ‘‘अगर इसे और बढ़ाया जाता तो और अधिक अच्छा होता।’’

भाषा मनीषा माधव

माधव


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