रथ यात्रा: भीड़ प्रबंधन और विशेष बलों की तैनाती में जुटी ओडिशा पुलिस
रथ यात्रा: भीड़ प्रबंधन और विशेष बलों की तैनाती में जुटी ओडिशा पुलिस
कटक, 22 मई (भाषा) ओडिशा पुलिस पुरी में होने वाली वार्षिक रथ यात्रा के दौरान भीड़ प्रबंधन, यातायात विनियमन और विशेष बल की तैनाती पर ध्यान केंद्रित कर रही है ताकि पिछले साल जैसी भगदड़ की कोई घटना नहीं हो सके। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अधिकारियों के मुतबिक, पिछले साल हुई भगदड़ में तीन श्रद्धालुओं की मौत हो गई थी।
उन्होंने बताया कि पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) वाई बी खुरानिया ने बृहस्पतिवार को कटक स्थित राज्य पुलिस मुख्यालय में एक उच्च स्तरीय बैठक की, जिसमें 16 जुलाई से शुरू होने वाले नौ दिवसीय उत्सव (रथ यात्रा) के लिए एक विशेष मानक संचालन प्रक्रिया (एसओपी) को अंतिम रूप दिया गया।
इस वर्ष रथ यात्रा उत्सव के प्रभारी एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “भीड़ प्रबंधन, वाहन पार्किंग, श्रद्धालुओं की सुगम आवाजाही, भीषण गर्मी और उमस भरे मौसम को देखते हुए स्वास्थ्य सुविधाओं के साथ सुरक्षा व्यवस्था जैसे सभी पहलू एसओपी का हिस्सा हैं, जिनका सख्ती से पालन किया जाएगा।”
उन्होंने बताया कि इस चर्चा के दौरान डीजीपी ने मंदिर के पास सुरक्षा वाहनों की तैनाती, के-9 (श्वान दस्ता) दस्ते की तैनाती के साथ ‘राष्ट्रीय सुरक्षा गारद’ (एनएसजी) द्वारा प्रशिक्षित ‘स्पेशल ऑपरेशन ग्रुप’ (एसओजी) के कर्मियों तथा ‘स्पेशल टैक्टिकल यूनिट्स’ (एसटीयू) की तैनाती पर जोर दिया ताकि भगदड़ जैसी स्थिति से बचा जा सके।
अधिकारी ने कहा, “पिछले साल, भारी भीड़ के भीतरी घेरे में घुस जाने के कारण रथों को खींचने में देरी हुई थी। इस बार, पुरी जिला प्रशासन और श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) से घेरा पास जारी करने को विनियमित करने का अनुरोध किया गया है।”
डीजीपी ने कहा कि भगवान जगन्नाथ की वार्षिक रथ यात्रा के दर्शन के लिए देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं के सुचारू दर्शन के लिए विशेष व्यवस्था की जाएगी।
उन्होंने कहा, ‘बैठक के दौरान आपात स्थितियों से निपटने, दुर्घटना प्रबंधन और विभिन्न विभागों के बीच त्वरित समन्वय करने पर चर्चा की गई।’
मंदिर की परंपरा के अनुसार, 29 जून को स्नान पूर्णिमा, 14 जुलाई को नवयुवन दर्शन और 16 जुलाई को रथ यात्रा होगी।
भाषा
प्रचेता वैभव
वैभव

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