राजग का साथ देने पर तृणमूल के बागी सांसदों को करना होगा अयोग्यता का सामना : साकेत गोखले
राजग का साथ देने पर तृणमूल के बागी सांसदों को करना होगा अयोग्यता का सामना : साकेत गोखले
नयी दिल्ली, 13 जून (भाषा) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के पूर्व राज्यसभा सदस्य साकेत गोखले ने शनिवार को दावा किया कि अलग संसदीय समूह के रूप में मान्यता की मांग कर रहे तृणमूल के बागी सांसद यदि भाजपा नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) का समर्थन करते हैं तो उन्हें अयोग्यता का सामना करना पड़ेगा।
गोखले ने कहा कि दल-बदल विरोधी कानून में ‘विभाजन’ के लिए कोई कानूनी संरक्षण नहीं है। सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में गोखले ने आरोप लगाया कि बागी सांसद कानूनी स्थिति को समझने में विफल रहे हैं और वे तृणमूल के टिकट पर प्राप्त जनादेश को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को हस्तांतरित करने की कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘टीएमसी के गद्दार सांसद भाजपा से मिले करोड़ों रुपये से इतने उत्साहित हैं कि उन्होंने कानून पढ़ने की भी जहमत नहीं उठाई।’’
गोखले ने कहा कि संविधान के 91वें संशोधन के तहत विभाजन से संबंधित प्रावधानों को समाप्त कर दिया गया था और अलग संसदीय समूह बनाने को कानून के तहत ‘‘शून्य संरक्षण’’ प्राप्त है।
उन्होंने कहा, ‘‘विभाजन का प्रयास समाप्त हो चुका है।’’
बागी सांसदों के भाजपा में विलय की संभावना संबंधी अटकलों को खारिज करते हुए गोखले ने कहा, ‘‘विलय के लिए पूरी पार्टी का विलय होना जरूरी है, केवल विधायी दल का नहीं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘वे तभी विलय कर सकते हैं जब पूरी तृणमूल भाजपा में विलय हो जाए, जो हमारे जीवनकाल में होने वाला नहीं है।’’
गोखले ने कहा, ‘‘इसलिए 20 सांसदों या दो-तिहाई संख्या की बात भूल जाइए। यदि उनके पास 28 में से 25 सांसदों के हस्ताक्षर भी हों, तब भी वे भाजपा में विलय नहीं कर सकते।’’
पूर्व राज्यसभा सदस्य ने कहा कि राजग का समर्थन करना या पार्टी के व्हिप का उल्लंघन करना दल-बदल माना जाएगा।
उन्होंने कहा, ‘‘राजग का समर्थन करना दल-बदल है। जैसे ही ये गद्दार भाजपा नीत राजग का समर्थन करेंगे या पार्टी के व्हिप की अवहेलना करेंगे, उन्हें स्वेच्छा से अपनी सदस्यता छोड़ने वाला माना जाएगा।’’
गोखले ने कहा, ‘‘वे जो भी कोशिश करेंगे, उसका परिणाम अयोग्यता ही होगा। हम इन गद्दारों को बंगाल की जनता और उस पार्टी के साथ धोखा नहीं करने देंगे, जिसने उन्हें सांसद बनाया है।’’
गोखले का यह बयान ऐसे समय में आया है जब बागी तृणमूल सांसदों ने कहा है कि वे सोमवार को लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला से मिलकर ‘वास्तविक टीएमसी’ के रूप में मान्यता की मांग करेंगे। बागी सांसद जगदीश चंद्र बर्मा बसुनिया ने शुक्रवार को दावा किया था कि लोकसभा के 19 सदस्य उनके गुट का समर्थन कर रहे हैं।
बसुनिया ने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘हमने पत्र सौंप दिया है। सोमवार को हम लोकसभा अध्यक्ष से मिलकर वास्तविक तृणमूल संसदीय दल बनाने का दावा पेश करेंगे। हम अपने दावे को मान्यता देने का अनुरोध करेंगे।’’
वर्ष 2026 के पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव में पार्टी की हार और बड़ी संख्या में उसके विधायकों के विद्रोह के बाद तृणमूल संकट में घिर गई थी। बाद में यह संकट संसद तक पहुंच गया, जहां बागी सांसदों ने 20 से अधिक लोकसभा सदस्यों के समर्थन का दावा किया।
गौरतलब है कि राज्यसभा सदस्य प्रकाश चिक बराइक ने बृहस्पतिवार को पार्टी और उच्च सदन, दोनों से इस्तीफा दे दिया था। इस सप्ताह ऐसा करने वाले वह तीसरे तृणमूल सांसद हैं। उनसे पहले सुखेंदु शेखर राय और सुष्मिता देव भी इस्तीफा दे चुके हैं।
भाषा रवि कांत रवि कांत माधव
माधव

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