आतंकी घटनाओं को रोकने का एकमात्र रास्ता भारत-पाकिस्तान के बीच सुलह: महबूबा मुफ्ती

आतंकी घटनाओं को रोकने का एकमात्र रास्ता भारत-पाकिस्तान के बीच सुलह: महबूबा मुफ्ती

आतंकी घटनाओं को रोकने का एकमात्र रास्ता भारत-पाकिस्तान के बीच सुलह: महबूबा मुफ्ती
Modified Date: October 23, 2024 / 07:00 pm IST
Published Date: October 23, 2024 7:00 pm IST

श्रीनगर, 23 अक्टूबर (भाषा) गांदरबल में आतंकवादी हमले के कुछ दिनों बाद पीपुल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (पीडीपी) की प्रमुख महबूबा मुफ्ती ने बुधवार को कहा कि जम्मू-कश्मीर को भारत और पाकिस्तान के बीच शत्रुता का खामियाजा भुगतना पड़ रहा है और इस तरह की घटनाओं पर रोक लगाने का एकमात्र रास्ता दोनों देशों के बीच सुलह है।

गांदरबल जिले के गुंड में रविवार को एक शिविर पर आतंकवादियों के हमले में सात लोगों (एक स्थानीय चिकित्सक और छह गैर-स्थानीय मजदूर) की मौत हो गई थी, जबकि पांच घायल हो गए थे। मजदूर एक सुरंग परियोजना पर काम कर रहे थे।

हमले में मारे गए डॉ. शाहनवाज डार के बडगाम जिले के नैदगाम गांव में स्थित घर पर पहुंचकर महबूबा ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘जम्मू-कश्मीर के लोग दोनों देशों के बीच शत्रुता में फंस गए हैं। उनका जीवन और उनकी संपत्ति नष्ट हो रही है क्योंकि दोनों देश एक-दूसरे से लड़ रहे हैं। जम्मू-कश्मीर को इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है और गरीब गैर-स्थानीय मजदूरों को भी इसका खामियाजा भुगतना पड़ रहा है।’’

पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि डार लोगों की सेवा कर रहे थे और एक सम्मानित व्यक्ति थे, लेकिन उन्हें दोनों देशों के बीच दुश्मनी का खामियाजा भुगतना पड़ा।

उन्होंने कहा, ‘‘जब तक दोनों देश एक साथ नहीं बैठेंगे, सौहार्दपूर्ण तरीके से बात नहीं करेंगे और (पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी) वाजपेयी की तरह सुलह का रास्ता नहीं अपनाएंगे, तब तक जम्मू-कश्मीर और देश के बाकी लोगों को ऐसी घटनाएं देखने को मिलती रहेंगी।’’

डार को एपीसीओ इंफ्राटेक द्वारा सुरंग निर्माण स्थल पर तैनात किया गया था। वह बुनियादी ढांचा के निर्माण से जुड़ी इस कंपनी के लिए काम कर रहे थे।

महबूबा ने नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फारूक अब्दुल्ला की उस हालिया टिप्पणी पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया जिसमें कहा गया है कि जब तक पाकिस्तान हिंसा बंद नहीं करता तब तक उसके साथ कोई बातचीत नहीं हो सकती।

भाषा संतोष माधव

माधव


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