रीजीजू से बातचीत का हवाला देकर थरूर ने कहा: मुझे कोई महिला विरोधी नहीं कह सकता

रीजीजू से बातचीत का हवाला देकर थरूर ने कहा: मुझे कोई महिला विरोधी नहीं कह सकता

रीजीजू से बातचीत का हवाला देकर थरूर ने कहा: मुझे कोई महिला विरोधी नहीं कह सकता
Modified Date: April 18, 2026 / 05:14 pm IST
Published Date: April 18, 2026 5:14 pm IST

नयी दिल्ली, 18 अप्रैल (भाषा) कांग्रेस सांसद शशि थरूर ने शनिवार को लोकसभा की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित किए जाने के बाद संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू के साथ अपनी बातचीत का एक अंश साझा किया और कहा कि भाजपा नेता ने स्वीकार किया कि “कोई भी मुझे कभी भी महिला विरोधी नहीं कह सकता।”

थरूर ने यह भी कहा कि महिलाएं संसद और हर संस्थान में प्रतिनिधित्व की हकदार हैं।

तिरुवनंतपुरम से लोकसभा सदस्य ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘महिलाओं की तरक्की को ऐसे शरारतपूर्ण और खतरनाक परिसीमन से न जोड़ें जो हमारे लोकतंत्र को तबाह कर सकता है।’’

थरूर ने लोकसभा में रीजीजू के साथ खड़े कुछ विपक्षी सांसदों की तस्वीर साझा करते हुए कहा, “संसदीय कार्य मंत्री के साथ लोकसभा में विपक्षी सांसदों की एक छोटी मुलाकात हुई। जब किरेन रीजीजू ने बताया कि वह और उनकी पार्टी विपक्ष को ‘महिला विरोधी’ क्यों कह रहे हैं, तो उन्हें (थरूर को) बताया गया कि कोई भी उन्हें कभी महिला विरोधी नहीं कह सकता।’’

लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक शुक्रवार को संसद के निचले सदन में पारित नहीं हो पाया था।

सदन में ‘संविधान (131वां) संशोधन विधेयक 2026’, पर हुए मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 मत पड़े।

लोकसभा में किसी भी संविधान संशोधन विधेयक को पारित करने के लिए दो तिहाई बहुमत की जरूरत होती है।

सरकार ने इस विधेयक के साथ ‘परिसीमन विधेयक, 2026’ और ‘संघ राज्य विधि (संशोधन) विधेयक, 2026’ को भी सदन में चर्चा और पारित कराने के लिए रखा था, लेकिन इन्हें भी आगे नहीं बढ़ाया जा सका।

भाषा हक हक अविनाश

अविनाश


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