बाड़मेर-बालोतरा सीमा का पुनर्गठन ‘तुगलकी आदेश’ : गहलोत
बाड़मेर-बालोतरा सीमा का पुनर्गठन 'तुगलकी आदेश' : गहलोत
जयपुर, चार जनवरी (भाषा) राजस्थान के पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने राज्य की भाजपा सरकार द्वारा शनिवार देर रात किए गए बाड़मेर और बालोतरा जिलों की सीमाओं के पुनर्गठन की कड़ी आलोचना की है।
उन्होंने रविवार को इस कदम को ‘तुगलकी आदेश’ करार देते हुए कहा कि यह जल्दबाजी में लिया गया निर्णय है जो जनहित के खिलाफ है।
गहलोत ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ”बायतू को बाड़मेर जिले में और गुड़ामालानी–धोरीमन्ना को बालोतरा में शामिल करने का निर्णय प्रशासनिक दृष्टि से कतई तर्क संगत नहीं है। इससे गुड़ामालानी क्षेत्र की जनता के लिए जिला मुख्यालय की दूरी कम होने के बजाय और बढ़ गई है।”
गहलोत ने कहा, “यह आम जनता के साथ घोर अन्याय है। स्पष्ट है कि यह निर्णय जनसुविधा के लिए नहीं बल्कि आगामी परिसीमन और सियासी समीकरणों को साधने के लिए लिया गया है।”
पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी सरकार ने प्रशासन को जनता के द्वार तक पहुंचाने की मंशा से नए जिले बनाए थे, लेकिन भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की मौजूदा सरकार जनभावनाओं को दरकिनार कर केवल ”सियासी रोटियां” सेकने में व्यस्त है।
उन्होंने इस कदम की कड़े शब्दों में निंदा की।
भाषा
बाकोलिया
रवि कांत

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