गणतंत्र दिवस परेड: कौशल विकास मंत्रालय की झांकी में भविष्य के लिए तैयार कार्यबल की झलक
गणतंत्र दिवस परेड: कौशल विकास मंत्रालय की झांकी में भविष्य के लिए तैयार कार्यबल की झलक
नयी दिल्ली, 26 जनवरी (भाषा) गणतंत्र दिवस परेड में सोमवार को कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय (एमएसडीई) की झांकी में भविष्य के लिए तैयार ऐसे कार्यबल के वैश्विक केंद्र के रूप में भारत के बदलाव की यात्रा को दर्शाया गया जो समावेशिता को सुनिश्चित रखते हुए नवोन्मेष, उत्पादकता और सतत वृद्धि को गति देने में सक्षम है।
‘कौशल से सशक्त : आत्मनिर्भर, भविष्य के लिए तैयार भारत का निर्माण’ विषय पर आधारित इस झांकी में तीन मुख्य आयामों को पेश किया गया। इसके अग्र भाग में समावेशिता को दर्शाया गया जिसमें दो महिलाएं गैर-पारंपरिक, भविष्योन्मुखी कार्यों में संलग्न दिखीं। इसने भारत को दुनिया की ‘कौशल राजधानी’ बनाने के दृष्टिकोण को दिखाया।
‘भविष्य के लिए तैयारी’ को नवीकरणीय ऊर्जा, उन्नत विनिर्माण और ऑटोमोटिव एवं इलेक्ट्रिक वाहन क्षेत्रों में अत्यधिक मांग वाले कौशल के जरिए दर्शाया गया। ‘आत्मनिर्भरता’ को मिट्टी के बर्तन, मूर्तिकला और कालीन बुनाई कर रहे कारीगरों के माध्यम से प्रदर्शित किया गया। इन कारीगरों को आधुनिक उपकरणों, प्रशिक्षण और सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई) खड़े करने के अवसरों से सशक्त दर्शाया गया।
झांकी के केंद्र में एक मानव मस्तिष्क दर्शाया गया है, जो एक ओर रचनात्मकता और आलोचनात्मक सोच तथा दूसरी ओर अर्जित विश्लेषणात्मक कौशल का प्रतीक है। इसे सहारा देती हथेलियों ने सरकार और उद्योग के बीच सहयोग को दर्शाया, जिससे मांग-आधारित परिवेश सुनिश्चित होता है।
भाषा
सिम्मी मनीषा
मनीषा


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