कर्नाटक में सेवानिवृत्त शिक्षक से ‘डिजिटल अरेस्ट’ के माध्यम से 1.61 करोड़ रुपये की ठगी

कर्नाटक में सेवानिवृत्त शिक्षक से 'डिजिटल अरेस्ट' के माध्यम से 1.61 करोड़ रुपये की ठगी

कर्नाटक में सेवानिवृत्त शिक्षक से ‘डिजिटल अरेस्ट’ के माध्यम से 1.61 करोड़ रुपये की ठगी
Modified Date: January 2, 2026 / 05:03 pm IST
Published Date: January 2, 2026 5:03 pm IST

कारवार (कर्नाटक), दो जनवरी (भाषा) मुंबई पुलिस के अधिकारी बनकर साइबर जालसाजों ने कथित तौर पर 72 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक को बार-बार वीडियो कॉल के माध्यम से ‘डिजिटल अरेस्ट’ करके 1.61 करोड़ रुपये की ठगी की।

पुलिस ने शुक्रवार को बताया कि यह घटना उत्तर कन्नड़ जिले के मुंडगोड स्थित तिब्बती कॉलोनी के एक निवासी से संबंधित है।

जिला पुलिस में बृहस्पतिवार को दर्ज शिकायत के अनुसार, पाल्डेन को एक अज्ञात व्यक्ति ने व्हाट्सएप कॉल करके खुद को महाराष्ट्र के कोलाबा थाने का निरीक्षक बताया।

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फोन करने वाले ने दावा किया कि मुंबई में गिरफ्तार किए गए एक आतंकवादी के पास से कई एटीएम कार्ड बरामद किए गए हैं और उनमें से एक कार्ड पाल्डेन के नाम पर पंजीकृत है।

धोखाधड़ी करने वाले ने बुजुर्ग व्यक्ति को यह कहकर धमकाया कि उसके बैंक खातों से करोड़ों रुपये निकाले गए हैं और उसके खिलाफ धनशोधन का मामला दर्ज किया गया है।

एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि धमकी को विश्वसनीय बनाने के लिए आरोपी ने पुलिस की वर्दी पहनकर वीडियो कॉल की और पीड़ित को फर्जी बैंक स्टेटमेंट भेजे।

शिकायतकर्ता को बताया गया कि गिरफ्तारी से बचने के लिए उसे अपनी धनराशि तथाकथित ‘राष्ट्रीय कोष’ में जमा करनी होगी और जांच पूरी होने के बाद पैसा वापस कर दिया जाएगा।

जालसाजों ने कथित तौर पर उसे चेतावनी दी कि वह इस मामले पर किसी से चर्चा न करे और उसे हर दो घंटे में व्हाट्सएप के माध्यम से अपने ठिकाने की जानकारी देने का निर्देश दिया, इस प्रक्रिया को ‘डिजिटल अरेस्ट’ बताया।

पुलिस ने बताया, ‘कानूनी परिणामों से डरते हुए पाल्डेन ने अपनी सावधि जमा को नकद में बदल दिया और रिश्तेदारों से उधार लेकर कुल 1.61 करोड़ रुपये की राशि धोखाधड़ी करने वालों द्वारा दिए गए खातों में कई किस्तों में हस्तांतरित कर दिया।’

बाद में अपने साथ हुई धोखाधड़ी का एहसास होने पर पाल्डेन ने कारवार साइबर अपराध थाने से संपर्क किया, जहां मामला दर्ज किया गया है।

पुलिस ने बताया कि आरोपियों और धन के स्रोत का पता लगाने के लिए जांच जारी है।

भाषा

शुभम माधव

माधव


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