मतदाता सूची का पुनरीक्षण संवैधानिक प्रक्रिया, इसका तमाशा न बनाएं : भाजपा

मतदाता सूची का पुनरीक्षण संवैधानिक प्रक्रिया, इसका तमाशा न बनाएं : भाजपा

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  • Publish Date - January 10, 2026 / 11:49 PM IST,
    Updated On - January 10, 2026 / 11:49 PM IST

नयी दिल्ली, 10 जनवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी ने शनिवार को समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव से कहा कि वह उत्तर प्रदेश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) को लेकर विरोधाभासी दावे कर इसका ‘तमाशा’ नहीं बनाएं।

भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता और राज्यसभा सदस्य सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि एसआईआर एक संवैधानिक प्रक्रिया है, जिसे निर्वाचन आयोग तकनीकी विशेषज्ञता के साथ पूरी कर रहा है। उन्होंने यादव और विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ के नेताओं से इसमें ‘गंभीरता’ के साथ सहयोग करने को कहा।

भाजपा की यह टिप्पणी यादव के उस दावे के बाद आई है जिसमें उन्होंने कहा था कि उत्तर प्रदेश में भाजपा नेताओं को मतदाता सूची के प्रकाशन से पहले ही पता था कि कितने मतदाताओं के नाम हटाए जाएंगे। यादव ने निर्वाचन आयोग की ‘विश्वसनीयता’ पर भी सवाल उठाए थे।

अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि सपा प्रमुख को पहले यह स्पष्ट करना चाहिए कि किस पार्टी के मतदाताओं के नाम हटाए गए हैं, क्योंकि हाल ही में वह दावा कर रहे थे कि इस प्रक्रिया में भाजपा के वोट कटे हैं।

त्रिवेदी ने कहा कि महज एक दिन पहले यादव कह रहे थे कि उनके कार्यकर्ताओं और बूथ एजेंट ने यह सुनिश्चित किया है कि उनके मतदाताओं के नाम सूची में जुड़ें, जबकि कांग्रेस आरोप लगा रही थी कि विपक्षी दलों के मतदाताओं के नाम हटाए जा रहे हैं।

उन्होंने कहा कि अब सपा प्रमुख कह रहे हैं कि भाजपा ने अपने मतदाताओं के नाम जुड़वा लिए हैं।

राज्यसभा सदस्य ने एसआईआर प्रक्रिया में अनियमितता के आरोपों को खारिज करते हुए इसे पेशेवर और तकनीकी विशेषज्ञता वाली संवैधानिक प्रक्रिया बताया।

उन्होंने सपा, कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों से ऐसी गंभीर प्रक्रिया का तमाशा बनाने की आदत से बचने और गंभीरता व जागरूकता के साथ सहयोग करने को कहा।

भाषा सुमित अविनाश

अविनाश