प.एशिया संकट पर राज्यसभा में तीखी नोकझोंक, रीजीजू ने विपक्ष पर राजनीति करने का लगाया आरोप

प.एशिया संकट पर राज्यसभा में तीखी नोकझोंक, रीजीजू ने विपक्ष पर राजनीति करने का लगाया आरोप

प.एशिया संकट पर राज्यसभा में तीखी नोकझोंक, रीजीजू ने विपक्ष पर राजनीति करने का लगाया आरोप
Modified Date: April 1, 2026 / 05:12 pm IST
Published Date: April 1, 2026 5:12 pm IST

नयी दिल्ली, एक अप्रैल (भाषा) राज्यसभा में बुधवार को पश्चिम एशिया संकट को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक हुई। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने विपक्ष पर ऐसे समय में राजनीति करने का आरोप लगाया जब देश को एकजुट रहने की आवश्यकता है।

नेता प्रतिपक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने इस मुद्दे पर संसद में चर्चा नहीं कराने को लेकर सरकार पर सवाल उठाए और सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अनुपस्थिति को लेकर उनकी आलोचना की।

इस पर रीजीजू ने पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष गैर-जिम्मेदाराना बयान दे रहा है और प्रधानमंत्री के खिलाफ अनुचित भाषा का प्रयोग कर रहा है। उन्होंने कहा कि विपक्ष के किसी भी नेता प्रतिपक्ष ने सर्वदलीय बैठक में भाग नहीं लिया।

मल्लिकार्जुन खरगे ने मंत्री के बयान की निंदा करते हुए उसे वापस लेने की मांग की और आरोप लगाया कि मंत्री “डमी” हैं और उनके पास कोई अधिकार नहीं है।

सभापति सी. पी. राधाकृष्णन द्वारा प्रश्नकाल शुरू किए जाने की घोषणा से पहले किरण रीजीजू ने सदन को देर शाम तक चलाने का आग्रह किया, ताकि सरकार के विधायी कार्य निपटाए जा सकें।

सभापति ने कहा कि सदन दोपहर का भोजन अवकाश नहीं लेगा और देर शाम तक केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (सामान्य प्रशासन) विधेयक, 2026 और दिवाला एवं शोधन अक्षमता संहिता (संशोधन) विधेयक, 2026 सहित अन्य कार्यों पर विचार करेगा।

रीजीजू ने कहा कि भाजपा सीएपीएफ विधेयक पर अपने निर्धारित समय में कटौती करने को तैयार है और आवश्यकता पड़ने पर शाम छह बजे के बाद भी सदन चलाया जा सकता है।

इस पर मल्लिकार्जुन खरगे ने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष की चिंताओं की अनदेखी कर अपना एजेंडा थोप रही है। उन्होंने कहा कि उन्होंने पश्चिम एशिया संकट पर अल्पकालिक चर्चा के लिए दो बार आग्रह किया, लेकिन समय नहीं दिया गया।

उन्होंने कहा, “पूरी दुनिया एलपीजी, गैस और अन्य चीजों के कारण प्रभावित है और यहां कीमतें बढ़ रही हैं, फिर भी चर्चा क्यों नहीं कराई जा रही है?”

इस पर रीजीजू ने कहा कि सरकार चर्चा से नहीं भाग रही है और संबंधित मंत्रियों तथा प्रधानमंत्री ने पहले ही संसद में विस्तृत बयान दिए हैं।

उन्होंने कहा कि वैश्विक संकट के इस समय में पूरे देश को एकजुट होना चाहिए और इसे राजनीति का विषय नहीं बनाया जाना चाहिए।

इसके बाद सभापति ने प्रश्नकाल शुरू करने की घोषणा की।

भाषा मनीषा माधव

माधव


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