रीजीजू ने एफसीआरए संशोधन विधेयक पर विपक्ष के दावों को ‘झूठ’ करार दिया

रीजीजू ने एफसीआरए संशोधन विधेयक पर विपक्ष के दावों को ‘झूठ’ करार दिया

रीजीजू ने एफसीआरए संशोधन विधेयक पर विपक्ष के दावों को ‘झूठ’ करार दिया
Modified Date: March 31, 2026 / 08:45 pm IST
Published Date: March 31, 2026 8:45 pm IST

नयी दिल्ली, 31 मार्च (भाषा) केंद्रीय मंत्री किरेन रीजीजू ने मंगलवार को कहा कि एफसीआरए संशोधन विधेयक का उद्देश्य किसी धार्मिक संगठन को निशाना बनाना नहीं, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा एवं हितों के खिलाफ विदेशी धन के इस्तेमाल को रोकना है।

रीजीजू ने यहां भाजपा मुख्यालय में पत्रकारों के साथ बातचीत में कांग्रेस और वामपंथी दलों पर तीखा हमला बोला तथा उन पर एफसीआरए में प्रस्तावित संशोधन को लेकर झूठी बातें फैलाने का आरोप लगाया।

वरिष्ठ भाजपा नेता ने कहा कि विधेयक को लेकर उनके दावे ‘‘पूरी तरह से झूठे, मनगढ़ंत और गुमराह करने वाले’’ हैं।

विदेशी अंशदान (विनियमन) अधिनियम में संशोधन के लिए 25 मार्च को लोकसभा में एक विधेयक पेश किया गया, जिसमें सरकार ने यह स्पष्ट किया कि विदेशी धन के ज़रिए ज़बरन धर्म परिवर्तन कराने में शामिल व्यक्तियों को बख्शा नहीं जाएगा।

केंद्रीय गृह राज्य मंत्री नित्यानंद राय ने विदेशी अंशदान विनियमन संशोधन (एफसीआरए) विधेयक, 2026 पेश करते हुए कहा था कि इस कानून का उद्देश्य पारदर्शिता बढ़ाना और विदेशों से प्राप्त धन का उचित उपयोग सुनिश्चित करना है।

विधेयक को लेकर विपक्ष के दावों के बारे में पूछे जाने पर रीजीजू ने कहा, ‘‘केरल में वामपंथी दल और कांग्रेस ने कुछ अफ़वाहें फैलाई हैं कि भारत सरकार विभिन्न धार्मिक संगठनों की गतिविधियों को रोकने के लिए एफसीआरए संशोधन विधेयक ला रही है।’’

अल्पसंख्यक कार्य मंत्री ने कहा, ‘‘प्रस्तावित संशोधन विधेयक केवल भारत में विदेशी धन को विनियमित करने और किसी भी अवैध गतिविधि में धन के दुरुपयोग को रोकने के लिए लाया गया है।’’

उन्होंने कहा, ‘‘पैसा गैर-कानूनी तरीके से आता है और राष्ट्रीय सुरक्षा के खिलाफ इस्तेमाल किया जाता है। इसलिए, राष्ट्रीय सुरक्षा और राष्ट्रीय हित में, ये प्रस्तावित संशोधन लाए गए हैं।’’

रीजीजू ने आरोप लगाया कि वामपंथी दल और कांग्रेस इस विधेयक में प्रस्तावित संशोधनों को लेकर झूठी बातें फैला रहे हैं, क्योंकि उन्हें इस बात का डर है कि राज्य विधानसभा चुनाव से पहले केरल में भाजपा को लोगों का भारी समर्थन मिल सकता है।

भाजपा नेता ने कहा, ‘‘मैं कांग्रेस और वामपंथी दलों द्वारा, विशेष रूप से केरल में, फैलाई जा रही अफ़वाहों को पूरी तरह से खारिज करता हूं। कांग्रेस और वामपंथी झूठ फैला रहे हैं।’’

केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने मंगलवार को इस विधेयक को लेकर केंद्र की आलोचना की और कहा कि इसने समाज के एक वर्ग के लोगों में असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है।

उन्होंने तिरुवनंतपुरम में प्रेसवार्ता में कहा कि एफसीआरए संशोधन विधेयक एक गंभीर मुद्दा है, जिसने पूरे देश में अल्पसंख्यक समुदायों के बीच गहरी चिंता पैदा कर दी है।

मुख्यमंत्री की यह टिप्पणी उनके द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को लिखे गए उस पत्र के एक दिन बाद आई है, जिसमें उन्होंने एफसीआरए में प्रस्तावित संशोधनों को वापस लेने के लिए उनके हस्तक्षेप की मांग की थी।

कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को आरोप लगाया था कि प्रस्तावित संशोधनों के तहत, केवल आरएसएस ही विदेशी चंदा प्राप्त कर सकेगा, जबकि अन्य संगठनों पर रोक रहेगी।

रीजीजू ने पलटवार करते हुए कहा, ‘‘यह विधेयक किसी भी धार्मिक समूह के खिलाफ नहीं है… उन्हें इस तरह का झूठ फैलाना बंद करना चाहिए।’’

उन्होंने कहा कि मोदी सरकार सभी के साथ समान व्यवहार करती है, और कांग्रेस तथा वामपंथी दल झूठ फैला रहे हैं, क्योंकि केरल में ईसाई समुदाय कई समस्याओं का सामना कर रहा है एवं उसका इन दलों से मोहभंग हो चुका है।

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘‘मैंने विधेयक के प्रावधानों को पूरी तरह से पढ़ा है, और मैंने विभिन्न संगठनों को पहले ही आश्वस्त कर दिया है कि भारत में अल्पसंख्यक पूरी तरह सुरक्षित हैं। वास्तव में, भारत सभी अल्पसंख्यकों के लिए दुनिया में सबसे सुरक्षित देश है।’’

भाषा नेत्रपाल पवनेश

पवनेश


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