रालोद के संसदीय बोर्ड की बैठक : उप्र चुनाव और राजग की मजबूती रहे चर्चा के केंद्र में

रालोद के संसदीय बोर्ड की बैठक : उप्र चुनाव और राजग की मजबूती रहे चर्चा के केंद्र में

रालोद के संसदीय बोर्ड की बैठक : उप्र चुनाव और राजग की मजबूती रहे चर्चा के केंद्र में
Modified Date: July 8, 2026 / 04:03 pm IST
Published Date: July 8, 2026 4:03 pm IST

नयी दिल्ली, आठ जुलाई (भाषा) राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) ने बुधवार को अपनी संसदीय बोर्ड की बैठक में आगामी उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव की रणनीति पर चर्चा की। पार्टी अध्यक्ष जयंत चौधरी ने कहा कि उनका ध्यान राजग को मजबूत करने और गठबंधन सरकार के कामों को लोगों तक पहुंचाने पर है।

केसी त्यागी की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में संगठन से जुड़े मुद्दों राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सहयोगी के तौर पर रालोद की भूमिका और चुनाव की तैयारियों पर चर्चा की गई।

बैठक के बाद चौधरी ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘हमने पार्टी से जुड़े मुद्दों, राजग के सहयोगी के तौर पर उसकी नीतियों, सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों, उन्हें जनता तक पहुंचाने और राजग को मजबूत करने के विषय पर चर्चा की। हमने आने वाले चुनाव खासकर उत्तर प्रदेश के चुनाव के बारे में भी चर्चा की।’’

इसके अलावा, चौधरी ने भारतीय किसान यूनियन (बीकेयू) के नेता युद्धवीर सिंह और सेवानिवृत्त मेजर जनरल बिशंबर दयाल को पार्टी के संसदीय बोर्ड में शामिल करने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि रालोद अलग-अलग क्षेत्रों के जाने-माने लोगों को अपनी निर्णय लेने की प्रक्रिया में शामिल करना चाहता है।

उन्होंने कहा, ‘‘राजनीति सिर्फ खादी कुर्ता पहनने वाले नेताओं तक सीमित नहीं है। यह राष्ट्रीय और स्थानीय स्तर पर सभी के लिए है। हम भविष्य में और लोगों को भी शामिल किया जाएगा।’’

यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब अगले साल होने वाले उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव को लेकर राजनीतिक दलों ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेतृत्व वाला राजग इस राजनीतिक रूप से अहम राज्य में सत्ता बनाए रखने की कोशिश करेगा और इस अभियान में उसके सहयोगी दलों की महत्वपूर्ण भूमिका रहने की उम्मीद है।

रालोद, राजग का एक सहयोगी दल है और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुछ हिस्सों में खासकर जाट समुदाय के मतदाताओं के बीच उसका अच्छा-खासा प्रभाव है।

उत्तर प्रदेश में राजग की चुनावी रणनीति में रालोद के एक अहम सहयोगी के रूप में उभरने की संभावना है।

भाषा सुरभि धीरज

धीरज


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