शबरिमला से संबंधित निर्णय उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत लिये गये: मंत्री मुरलीधरन
शबरिमला से संबंधित निर्णय उच्च न्यायालय के निर्देशों के तहत लिये गये: मंत्री मुरलीधरन
तिरुवनंतपुरम, एक जुलाई (भाषा) केरल के देवस्वओम मंत्री के. मुरलीधरन ने बुधवार को कहा कि शबरिमला मंदिर के प्रशासन से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय उच्च न्यायालय के निर्देशों के अनुसार लिए जा रहे हैं।
मुरलीधरन ने कहा कि राज्य सरकार और त्रावणकोर देवस्वोम बोर्ड (टीडीबी) न्यायालय के आदेशों के अनुरूप कार्य करते हैं।
विधानसभा में पूछे गये सवाल के जवाब में मंत्री ने कहा कि कई मामलों में उच्च न्यायालय के निर्देश टीडीबी और राज्य सरकार के फैसलों के विपरीत रहे हैं।
शबरिमला में श्रद्धालु किस प्रकार पूजा-अर्चना करेंगे, इस संबंध में भी निर्णय उच्च न्यायालय ही देता है। न तो राज्य सरकार और न ही टीडीबी ऐसे मामलों में निर्णय लेता है। सब कुछ अदालत के निर्देशों के अनुसार ही किया जाता है।’’
मुरलीधरन ने कहा कि सरकार ने न्यायपालिका के सम्मान में ऐसे मुद्दों पर टिप्पणी करने से परहेज किया है।
उन्होंने कहा कि सरकार, श्रद्धालुओं की मांगों को ध्यान में रखते हुए शबरिमला ‘मास्टर प्लान’ के तहत निलक्कल में बुनियादी सुविधाओं को मजबूत करने के लिए सभी प्रयास करेगी।
मंत्री भाजपा विधायक वी. मुरलीधरन के इस सवाल का जवाब दे रहे थे, कि क्या सरकार वैष्णो देवी मंदिर तीर्थयात्रा मॉडल की तर्ज पर निलक्कल को एक आधार शिविर के रूप में विकसित करने पर विचार करेगी, ताकि शबरिमला में भीड़भाड़ कम की जा सके।
उन्होंने कहा कि इस वर्ष की तीर्थयात्रा के लिए तैयारियां पहले से ही शुरू कर दी गई हैं ताकि यात्रा सुगम हो सके और इसी व्यवस्था के तहत टीडीबी ने सभी संबंधित विभागों की एक बैठक नौ जुलाई को बुलाई है।
शबरिमला में सोना चोरी होने के मामले में विशेष जांच दल (एसआईटी) की जांच पर मंत्री ने टिप्पणी करने से इनकार करते हुए कहा कि यह जांच उच्च न्यायालय की निगरानी में की जा रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘सरकार अपना पक्ष तब प्रस्तुत करेगी जब जांच एजेंसी द्वारा पूरा आरोप-पत्र दाखिल किये जाने के बाद अदालत इसकी मांग करेगी।’’
भाषा देवेंद्र रंजन
रंजन

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