शबरिमला ध्वज स्तंभ मामले की जांच में अभिनेता मोहनलाल, दिलीप के बयान दर्ज
शबरिमला ध्वज स्तंभ मामले की जांच में अभिनेता मोहनलाल, दिलीप के बयान दर्ज
तिरुवनंतपुरम, 27 फरवरी (भाषा) शबरिमला मंदिर में 2017 में एक नए ध्वज स्तंभ की स्थापना के संबंध में सोने और धन के कथित दुरुपयोग की जांच कर रहे सतर्कता एवं भ्रष्टाचार रोधी ब्यूरो (वीएसीबी) ने फिल्मी सितारों मोहनलाल और दिलीप के बयान दर्ज किए हैं। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
ये दोनों अभिनेता उन 27 लोगों में शामिल थे जिन्होंने मंदिर के ध्वज स्तंभ के लिए सोना और धन दान किया था।
वीएसीबी के सूत्रों ने बताया कि मोहनलाल और दिलीप ने हाल में अपने बयान दर्ज कराए।
ब्यूरो के एक अधिकारी ने बताया कि मोहनलाल का बयान तब दर्ज किया गया जब वह तिरुवनंतपुरम में थे।
अधिकारी ने बताया कि दिलीप का बयान कोच्चि में दर्ज किया गया।
वीएसीबी ने अब तक ध्वज स्तंभ के लिए सोना और धन दान करने वाले 22 लोगों के बयान दर्ज किए हैं।
सूत्रों ने बताया कि इसके अलावा वीएसीबी यह भी जांच कर रहा है कि क्या इस उद्देश्य के लिए और भी लोगों ने सोना या पैसा दान किया है।
इससे पहले, वीएसीबी ने केंद्रीय मंत्री सुरेश गोपी, फिल्म निर्माता शाजी कैलाश, अभिनेता-लेखक रेंजी पणिक्कर और निर्माता सुरेश कुमार के बयान दर्ज किए थे।
केरल उच्च न्यायालय ने नौ फरवरी को वीएसीबी को जांच पूरी करने और रिपोर्ट प्रस्तुत करने के लिए 30 दिन का समय दिया था।
त्रावणकोर देवस्वओम बोर्ड के मुख्य सतर्कता अधिकारी द्वारा उच्च न्यायालय में दाखिल एक रिपोर्ट में कहा गया है कि अगस्त 2016 में यह निर्णय लिया गया था कि नए ध्वज स्तंभ की स्थापना का पूरा खर्च हैदराबाद स्थित ‘फीनिक्स इंफ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट’ लिमिटेड द्वारा वहन किया जाएगा।
रिपोर्ट में कहा गया है कि देवस्वओम के मुख्य इंजीनियर द्वारा प्रस्तुत 3.20 करोड़ रुपये के बजट अनुमान को बोर्ड ने 23 सितंबर, 2016 को मंजूरी दे दी थी।
रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि 22 मार्च, 2017 को सीमा शुल्क विभाग से 9.161 किलोग्राम सोना खरीदा गया था और इस परियोजना के लिए श्रद्धालुओं द्वारा 412 ग्राम सोना दान किया गया था।
उच्च न्यायालय ने कहा, ‘‘इस प्रकार, सीमा शुल्क खरीद और दान सहित उपलब्ध सोने की कुल मात्रा 9,573.010 ग्राम थी, जबकि ध्वज स्तंभ के लिए उपयोग की गई मात्रा 9,340.200 ग्राम दर्ज की गई थी।’’
अदालत ने यह भी कहा कि व्यक्तिगत दान की रसीदें उपलबध न होना दानदाताओं को लेखांकन के दस्तावेजी प्रमाण से वंचित करती है, जो एक गंभीर प्रक्रियात्मक चूक है और देवस्वओम नियमों और वित्तीय जवाबदेही मानदंडों का गंभीर उल्लंघन है।
भाषा
गोला वैभव
वैभव

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