शबरिमला सोना चोरी मामला: अदालत ने टीडीबी के पूर्व अधिकारी को अनिवार्य जमानत दी
शबरिमला सोना चोरी मामला: अदालत ने टीडीबी के पूर्व अधिकारी को अनिवार्य जमानत दी
कोल्लम (केरल), दो फरवरी (भाषा) कोल्लम की एक अदालत ने सोमवार को शबरिमला मंदिर से सोने की चोरी से संबंधित दो मामलों में टीडीबी के पूर्व कार्यकारी अधिकारी डी. सुधीश कुमार को अनिवार्य जमानत दे दी।
कोल्लम सतर्कता अदालत के न्यायाधीश मोहित सी एस ने कुमार को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया, क्योंकि मामलों की जांच कर रही विशेष जांच टीम (एसआईटी) उनकी गिरफ्तारी के 90 दिनों के भीतर आरोपपत्र दाखिल करने में विफल रही।
ये मामले द्वारपाल (संरक्षक देवता) की मूर्ति और श्रीकोविल (गर्भगृह) के दरवाजों पर लगे सोने के फ्रेम से कथित रूप से सोने की चोरी से संबंधित हैं।
द्वारपाल की मूर्ति से सोने की चोरी के मामले में कुमार तीसरे, और गर्भगृह के दरवाजे के फ्रेम मामले में पांचवें आरोपी हैं।
कुमार को सोने की चोरी और धोखाघड़ी से जुड़ी साजिश में कथित भूमिका के लिए गिरफ्तार किया गया था।
एसआईटी का आरोप है कि उन्होंने एक पत्र जारी किया था, जिसमें सोने से मढ़े पैनल को तांबे का बताया गया था, ताकि प्लेटिंग कार्य के लिए उन्हें मंदिर से हटाने की प्रक्रिया आसान हो सके।
अदालत ने मुख्य आरोपी उन्नीकृष्णन पोट्टी की जमानत याचिका पर भी विचार किया और बुधवार को इस पर सुनवाई करने का फैसला किया।
द्वारपालक प्रतिमा से सोना गायब होने के मामले में पहले ही अनिवार्य जमानत पा चुके पोट्टी ने अब श्रीकोविल से सोना गायब होने से जुड़े दूसरे मामले में भी इसी तरह की राहत के लिए कोल्लम सतर्कता अदालत का रुख किया है।
इस बीच इसी मामले के आरोपी शबरिमला तंत्री कंडारारू राजीवरू का सोमवार को तिरुवनंतपुरम सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल में एंजियोग्राम किया गया।
तिरुवनंतपुरम विशेष उप-जेल में बंद राजीव को रविवार को सीने में तकलीफ के बाद अस्पताल में भर्ती कराया गया था। एसआईटी ने बताया कि वह तंत्री की स्वास्थ्य स्थिति पर मेडिकल कॉलेज की रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
भाषा शोभना सुरेश
सुरेश

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