पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने के बीच वहां रह रहे एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: भारत
पश्चिम एशिया में संघर्ष बढ़ने के बीच वहां रह रहे एक करोड़ भारतीयों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता: भारत
नयी दिल्ली, तीन मार्च (भाषा) पश्चिम एशिया में संघर्ष तेज होने के साथ ही, भारत ने मंगलवार को इस क्षेत्र में रहने वाले एक करोड़ भारतीय नागरिकों के हितों पर जोर दिया और साथ ही ऊर्जा आपूर्ति में संभावित व्यवधानों पर चिंता व्यक्त की, क्योंकि इसके भारतीय अर्थव्यवस्था के लिये गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
भारत ने संघर्ष को जल्द से जल्द समाप्त करने के लिए ‘‘संवाद और कूटनीति’’ का भी जोरदार आह्वान किया, साथ ही यह भी कहा कि एक निकटवर्ती पड़ोसी के रूप में भारत के इस क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता में महत्वपूर्ण हित जुड़े हुए हैं तथा वर्तमान घटनाक्रम ‘‘गहरी चिंता’’ पैदा करते हैं।
अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर हमले किए जाने और तेहरान की जवाबी कार्रवाई के बाद अपने दूसरे बयान में, भारत ने कहा कि पश्चिम एशिया में रहने वाले भारतीयों की सुरक्षा उसकी ‘‘सर्वोच्च प्राथमिकता’’ है।
विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘हाल के दिनों में हमने न केवल संघर्ष की तीव्रता में वृद्धि देखी है, बल्कि इसका अन्य देशों में भी प्रसार हुआ है। विनाश और मौतों की संख्या में वृद्धि हुई है, जबकि सामान्य जीवन और आर्थिक गतिविधियां ठप हो गई हैं।’’
इसने कहा, ‘‘क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले एक निकटवर्ती पड़ोसी के रूप में, ये घटनाक्रम बहुत चिंता पैदा करते हैं।’’
मंत्रालय ने कहा, ‘‘खाड़ी क्षेत्र में लगभग एक करोड़ भारतीय नागरिक रहते और काम करते हैं। उनकी सुरक्षा एवं कल्याण हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। हम किसी भी ऐसे घटनाक्रम के प्रति उदासीन नहीं रह सकते, जो उन्हें नकारात्मक रूप से प्रभावित करता हो।’’
इसने कहा, ‘‘हमारी व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाएं भी इसी भौगोलिक क्षेत्र से होकर गुजरती हैं। किसी भी बड़े व्यवधान का भारतीय अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ता है।’’
विदेश मंत्रालय ने कहा, ‘‘एक ऐसे देश के रूप में, जिसके नागरिक वैश्विक कार्यबल में प्रमुख स्थान रखते हैं, भारत व्यापारिक जहाजों पर हमलों का भी कड़ा विरोध करता है।’’
इसने कहा कि पिछले कुछ दिनों में हुए हमलों के परिणामस्वरूप कुछ भारतीय नागरिक या तो अपनी जान गंवा चुके हैं या लापता हैं।
मंत्रालय ने कहा, ‘‘इस पृष्ठभूमि में, भारत संवाद और कूटनीति के लिए अपने आह्वान को दृढ़ता से दोहराता है। हम संघर्ष के शीघ्र अंत के पक्ष में स्पष्ट रूप से अपनी आवाज उठाते हैं। पहले ही कई जानें जा चुकी हैं और हम इस संबंध में अपना दुख व्यक्त करते हैं।’’
भाषा
नेत्रपाल दिलीप
दिलीप

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