सागरिका ने संसद में टैगोर को श्रद्धांजलि देने के लिए सांसदों की गैरहाजिरी को लेकर भाजपा की आलोचना की

सागरिका ने संसद में टैगोर को श्रद्धांजलि देने के लिए सांसदों की गैरहाजिरी को लेकर भाजपा की आलोचना की

सागरिका ने संसद में टैगोर को श्रद्धांजलि देने के लिए सांसदों की गैरहाजिरी को लेकर भाजपा की आलोचना की
Modified Date: May 9, 2026 / 10:09 pm IST
Published Date: May 9, 2026 10:09 pm IST

नयी दिल्ली, नौ मई (भाषा) राज्यसभा में तृणमूल कांग्रेस की उपनेता सागरिका घोष ने शनिवार को आरोप लगाया कि रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर संसद में आयोजित पुष्पांजलि समारोह में भाजपा का कोई भी सांसद उपस्थित नहीं था।

घोष ने सत्तारूढ़ दल भाजपा पर पश्चिम बंगाल में नोबेल पुरस्कार विजेता का केवल चुनावी उद्देश्यों के लिए उपयोग करने का आरोप लगाया।

तृणमूल कांग्रेस की नेता घोष ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘कविगुरु रवींद्रनाथ टैगोर की जयंती पर संसद में आयोजित पुष्पांजलि समारोह में आज भाजपा का एक भी मौजूदा सांसद उपस्थित नहीं था। लोकसभा अध्यक्ष भी उपस्थित नहीं थे।’’

उन्होंने आरोप लगाया, “भाजपा के लिए बंगाल में सत्ता हासिल करना बंगाल से ज्यादा मायने रखता है। टैगोर नरेन्द्र मोदी-अमित शाह के लिए सिर्फ एक चुनावी हथियार हैं।”

घोष ने अपनी पार्टी का पक्ष रखते हुए कहा, “तृणमूल कांग्रेस के लिए बंगाल हमारी चिरस्थायी मातृभूमि है और गुरुदेव हमारे मार्गदर्शक, हमारे संत। जय बांग्ला।”

घोष की टिप्पणियों का जवाब देते हुए संसदीय कार्य मंत्री किरेन रीजीजू ने कहा कि संसद सत्र नहीं होने पर सांसद किसी भी सुविधाजनक स्थान पर प्रतिष्ठित हस्तियों को पुष्पांजलि अर्पित करने के लिए स्वतंत्र हैं।

रीजीजू ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘घोष नयी सांसद’ होने के बावजूद, संसदीय प्रक्रियाओं से अवगत हैं। जब संसद सत्र ना हो, तो दिल्ली में मौजूद कोई भी सांसद संविधान सदन में प्रतिष्ठित हस्तियों की जयंती पर पुष्पांजलि अर्पित कर सकता है, अन्यथा सांसद किसी भी सुविधाजनक स्थान पर श्रद्धांजलि अर्पित कर सकते हैं।’

रीजीजू ने कहा कि संविधान सदन में आयोजित समारोह में संसद अधिकारी और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के कुछ पूर्व सांसद उपस्थित थे। घोष पर इस मुद्दे का राजनीतिकरण करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा, ‘‘24 घंटे राजनीति जहरीली होती है। हमने कांग्रेस और तृणमूल सदस्यों की अनुपस्थिति पर सवाल उठाकर राजनीति नहीं की।’

लोकसभा सचिवालय द्वारा जारी एक बयान के अनुसार, संसद सदस्यों, पूर्व सांसदों और अन्य गणमान्य व्यक्तियों ने टैगोर की जयंती के अवसर पर संविधान सदन के केंद्रीय हॉल में स्थित उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की।

इस अवसर पर घोष के अलावा लोकसभा महासचिव उत्पल कुमार सिंह और पूर्व राज्यसभा सदस्य राकेश सिन्हा उपस्थित थे।

बयान में टैगोर को भारत का पहला नोबेल पुरस्कार विजेता बताया गया है, जिनके साहित्यिक और सांस्कृतिक योगदान ने देश पर अमिट छाप छोड़ी है।

इसमें यह भी उल्लेख किया गया है कि उनकी रचनाएं – ‘जन गण मन’ और ‘अमार सोनार बांग्ला’ – क्रमशः भारत और बांग्लादेश के राष्ट्रगान बन गए।

लोकसभा सचिवालय ने यह भी बताया कि संविधान सदन के केंद्रीय हॉल में प्रदर्शित टैगोर का चित्र कलाकार अतुल बोस द्वारा बनाया गया था और 12 सितंबर, 1958 को तत्कालीन राष्ट्रपति राजेंद्र प्रसाद द्वारा इसका अनावरण किया गया था।

भाषा अमित पवनेश

पवनेश


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