न्यायालय ने विधि शोधार्थियों के लिए पूर्व प्रभाव से बढ़ाये गए पारिश्रमिक के खिलाफ याचिका खारिज की
न्यायालय ने विधि शोधार्थियों के लिए पूर्व प्रभाव से बढ़ाये गए पारिश्रमिक के खिलाफ याचिका खारिज की
नयी दिल्ली, 16 फरवरी (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने विधि शोधार्थियों के लिए बढ़ाये गए पारिश्रमिक के पूर्व प्रभाव से भुगतान करने संबंधी दिल्ली उच्च न्यायालय के के निर्देश के खिलाफ दायर याचिका को सोमवार को खारिज कर दिया।
यह याचिका दिल्ली सरकार ने दायर की थी।
प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत तथा न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची और न्यायमूर्ति विपुल एम. पंचोली की पीठ ने दिल्ली उच्च न्यायालय के आदेश को बरकरार रखा।
पीठ ने सवाल किया, ‘‘सरकार द्वारा देरी का खामियाजा युवाओं को क्यों भुगतना चाहिए?’’
उच्चतम न्यायालय दिल्ली सरकार द्वारा दायर एक याचिका पर सुनवाई कर रहा था, जिसमें कहा गया था कि उच्च न्यायालय द्वारा पारित निर्देश वेतन और भत्तों से संबंधित हैं तथा संविधान के अनुच्छेद 229(2) के तहत राज्यपाल की स्वीकृति आवश्यक है।
दिल्ली सरकार ने दलील दी थी कि आदेशों के पूर्वव्यापी प्रभाव से लागू होने से राज्य के खजाने पर अनिर्धारित देनदारी आ जाएगी, जिससे 9.45 करोड़ रुपये का अतिरिक्त वित्तीय दायित्व उत्पन्न होगा।
दिल्ली उच्च न्यायालय ने अक्टूबर 2022 से कानून के शोधार्थियों का मासिक पारिश्रमिक 65,000 रुपये से बढ़ाकर 80,000 रुपये कर दिया था।
भाषा सुभाष प्रशांत
प्रशांत

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