एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ द्रमुक, तृणमूल की याचिकाओं पर न्यायालय ने निर्वाचन आयोग से मांगा जवाब

एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ द्रमुक, तृणमूल की याचिकाओं पर न्यायालय ने निर्वाचन आयोग से मांगा जवाब

एसआईआर प्रक्रिया के खिलाफ द्रमुक, तृणमूल की याचिकाओं पर न्यायालय ने निर्वाचन आयोग से मांगा जवाब
Modified Date: November 11, 2025 / 04:06 pm IST
Published Date: November 11, 2025 4:06 pm IST

नयी दिल्ली, 11 नवंबर (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) प्रक्रिया को चुनौती देने वाली द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक), मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा), कांग्रेस और तृणमूल कांग्रेस के नेताओं द्वारा दायर याचिकाओं पर निर्वाचन आयोग (ईसी) से मंगलवार को अलग-अलग जवाब देने को कहा।

न्यायमूर्ति सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची की पीठ ने निर्वाचन आयोग से नयी याचिकाओं पर दो सप्ताह के भीतर जवाब देने को कहा।

उच्चतम न्यायालय ने मद्रास और कलकत्ता उच्च न्यायालयों को तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल में मतदाता सूची की एसआईआर को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर हर प्रकार की कार्यवाही को स्थगित रखने का भी निर्देश दिया।

उसने तमिलनाडु में इस प्रक्रिया का समर्थन करने वाली ऑल इंडिया अन्ना द्रविड़ मुनेत्र कषगम (अन्नाद्रमुक) की दायर हस्तक्षेप याचिका को सूचीबद्ध करने की भी अनुमति दी।

निर्वाचन आयोग ने नवंबर से अगले साल फरवरी तक 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एसआईआर प्रक्रिया का दूसरा चरण आयोजित करने की 27 अक्टूबर को घोषणा की थी।

ये राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हैं – अंडमान निकोबार द्वीप समूह, लक्षद्वीप, छत्तीसगढ़, गोवा, गुजरात, केरल, मध्य प्रदेश, पुडुचेरी, राजस्थान, तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश और पश्चिम बंगाल।

तमिलनाडु, पुडुचेरी, केरल और पश्चिम बंगाल में 2026 में चुनाव होने हैं।

निर्वाचन आयोग ने कहा कि असम के लिए मतदाता सूची के पुनरीक्षण की घोषणा अलग से की जाएगी। असम में 2026 में चुनाव होने हैं।

एसआईआर प्रक्रिया का दूसरा चरण चार नवंबर को शुरू हुआ और यह चार दिसंबर तक जारी रहेगा। निर्वाचन आयोग नौ दिसंबर को मसौदा मतदाता सूची जारी करेगा और अंतिम मतदाता सूची सात फरवरी को प्रकाशित की जाएगी।

भाषा सिम्मी नरेश

नरेश


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