वीडियो पोस्ट करने पर प्राथमिकी दर्ज होने के मामले में पत्रकार की याचिका पर सुनवाई करेगा न्यायालय

वीडियो पोस्ट करने पर प्राथमिकी दर्ज होने के मामले में पत्रकार की याचिका पर सुनवाई करेगा न्यायालय

वीडियो पोस्ट करने पर प्राथमिकी दर्ज होने के मामले में पत्रकार की याचिका पर सुनवाई करेगा न्यायालय
Modified Date: August 27, 2025 / 10:45 am IST
Published Date: August 27, 2025 10:45 am IST

नयी दिल्ली, 27 अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय पत्रकार अभिसार शर्मा की एक याचिका पर बृहस्पतिवार को सुनवाई करेगा, जिसमें उन्होंने असम सरकार की नीतियों की कथित तौर पर आलोचना करने के लिए दर्ज की गई प्राथमिकी रद्द करने का अनुरोध किया है।

न्यायमूर्ति एम. एम. सुंदरेश और न्यायमूर्ति एन. कोटिश्वर सिंह की पीठ अधिवक्ता सुमीर सोढ़ी के माध्यम से दायर शर्मा की याचिका पर सुनवाई कर सकती है।

शर्मा ने अपनी याचिका में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 152 की वैधता को चुनौती दी है। यह धारा भारत की संप्रभुता, एकता और अखंडता को खतरे में डालने वाले कृत्यों से संबंधित है।

बताया जा रहा है कि आलोक बरुआ नामक व्यक्ति की ओर से मिली शिकायत के आधार पर गुवाहाटी अपराध शाखा थाने में शर्मा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।

शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि आठ अगस्त को शर्मा के यूट्यूब चैनल पर अपलोड किए गए वीडियो से सांप्रदायिक तनाव और राज्य के अधिकारियों के बीच अविश्वास पैदा होने की आशंका है।

खबरों के अनुसार, वीडियो में शर्मा ने गुवाहाटी उच्च न्यायालय की हाल की टिप्पणी का हवाला दिया है। उच्च न्यायालय ने सवाल किया था कि एक निजी कंपनी को सीमेंट कारखाना स्थापित करने के लिए आदिवासी बहुल दीमा हसाओ जिले में 3,000 बीघा जमीन क्यों आवंटित की गई।

शर्मा के खिलाफ बीएनएस की धारा 152 और 196 (समूहों के बीच दुश्मनी को बढ़ावा देना) समेत विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है।

भाषा जोहेब गोला

गोला


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