तमिलनाडु के हिस्से का कावेरी का पानी तत्काल जारी करने संबंधी याचिका पर 17 अगस्त को सुनवाई: न्यायालय

तमिलनाडु के हिस्से का कावेरी का पानी तत्काल जारी करने संबंधी याचिका पर 17 अगस्त को सुनवाई: न्यायालय

तमिलनाडु के हिस्से का कावेरी का पानी तत्काल जारी करने संबंधी याचिका पर 17 अगस्त को सुनवाई: न्यायालय
Modified Date: August 12, 2026 / 01:02 pm IST
Published Date: August 12, 2026 1:02 pm IST

नयी दिल्ली, 12 अगस्त (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने बुधवार को कहा कि तमिलनाडु के हिस्से का कावेरी नदी का पानी तत्काल छोड़ने का कर्नाटक को निर्देश देने के अनुरोध वाली तमिलनाडु सरकार, द्रविड़ मुनेत्र कषगम (द्रमुक) और अन्य की याचिकाओं पर 17 अगस्त को सुनवाई होगी।

प्रधान न्यायाधीश सूर्यकांत और न्यायमूर्ति जॉयमाल्या बागची एवं न्यायमूर्ति वी. मोहना की पीठ ने इससे पहले कहा था कि तमिलनाडु सरकार की याचिका पर बृहस्पतिवार यानी 13 अगस्त को सुनवाई होगी।

कुछ किसानों की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता पी. विल्सन ने बुधवार को मामले की जल्द सुनवाई के लिए दायर एक अलग याचिका का उल्लेख किया।

प्रधान न्यायाधीश ने कहा, ‘‘यह मामला न्यायमूर्ति विक्रमनाथ की अध्यक्षता वाली पीठ के समक्ष कल सुनवाई के लिए सूचीबद्ध था, लेकिन वह अस्वस्थ हैं।’’

इससे पहले, तमिलनाडु सरकार ने कहा था कि राज्य को कावेरी के पानी का उचित हिस्सा नहीं मिल रहा है जबकि इस साल कम बारिश हुई है।

राज्य सरकार ने तीन अगस्त को उच्चतम न्यायालय का रुख कर कर्नाटक सरकार को तत्काल पानी छोड़ने का निर्देश देने का अनुरोध किया था।

राज्य सरकार ने अपनी याचिका में दावा किया कि कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) ने उसके लिए जितना पानी निर्धारित किया था, उसके मुकाबले पड़ोसी राज्य कर्नाटक ने बहुत कम पानी छोड़ा।

कावेरी जल विनियमन समिति (सीडब्ल्यूआरसी) की 28 जुलाई को हुई बैठक में कर्नाटक को 29 जुलाई से 15 दिनों तक 3,500 क्यूसेक पानी छोड़ने का निर्देश दिया गया था। हालांकि, राज्य सरकार ने कहा कि 29 जुलाई से दो अगस्त के बीच बिलिगुंडलू में छोड़े गए पानी की मात्रा 158 से 550 क्यूसेक के बीच थी।

भाषा

सुरभि सिम्मी

सिम्मी


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