छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण से पूरी की अमेरिका में पढ़ाई : कॉजपा संस्थापक अभिजीत दीपके

छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण से पूरी की अमेरिका में पढ़ाई : कॉजपा संस्थापक अभिजीत दीपके

छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण से पूरी की अमेरिका में पढ़ाई : कॉजपा संस्थापक अभिजीत दीपके
Modified Date: August 3, 2026 / 03:24 pm IST
Published Date: August 3, 2026 3:24 pm IST

छत्रपति संभाजीनगर, तीन अगस्त (भाषा) नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ जोरदार आंदोलन का नेतृत्व करने के बाद अब कॉकरोच जनता पार्टी (कॉजपा) के संस्थापक अभिजीत दीपके विदेश में अपनी पढ़ाई के खर्च को लेकर उठ रहे सवालों के घेरे में हैं।

दीपके ने सोमवार को कहा कि अमेरिका में उनकी पढ़ाई छात्रवृत्ति और शिक्षा ऋण के माध्यम से पूरी हुई।

महाराष्ट्र के छत्रपति संभाजीनगर स्थित अपने आवास पर ‘पीटीआई-भाषा’ को दिए विशेष साक्षात्कार में दीपके ने निर्वासित बांग्लादेशी लेखिका तसलीमा नसरीन की उस टिप्पणी को भी खारिज कर दिया, जिसमें उन्होंने दिल्ली में परीक्षा अनियमितताओं के खिलाफ कॉजपा के आंदोलन की तुलना वर्ष 2024 में शेख हसीना के नेतृत्व वाली अवामी लीग सरकार को सत्ता से बाहर करने वाले बांग्लादेश के छात्र आंदोलन से की थी।

दीपके ने कहा, ‘‘ बांग्लादेश और नेपाल के आंदोलनों का जिक्र हमें बदनाम करने के लिए किया जा रहा है। हम उनसे अलग हैं।’’

उन्होंने अपनी शिक्षा पर हुए खर्च और वित्तीय स्रोतों को लेकर सूचना के अधिकार (आरटीआई) के तहत मांगी गई जानकारी पर भी बेपरवाह रुख अपनाया और कहा कि अब तक उन पर कोई व्यक्तिगत हमला नहीं हुआ है।

दरअसल सूरत के एक आरटीआई कार्यकर्ता ने शनिवार को दावा किया था कि उन्होंने दीपके के पिता, जो एक सेवानिवृत्त सरकारी कर्मचारी हैं और जिन्होंने अपने बेटे को पढ़ाई के लिए विदेश भेजा था, की वित्तीय स्थिति की जांच की मांग की है।

दीपके (30) ने कहा, ‘‘जो लोग मेरी पढ़ाई के लिए धन के स्रोत की जांच करना चाहते हैं, वे ऐसा करने के लिए स्वतंत्र हैं।’’

उन्होंने कहा, ‘‘मुझे बोस्टन विश्वविद्यालय से छात्रवृत्ति मिली थी और शेष राशि के लिए मैंने शिक्षा ऋण लिया था। ऋण चुकाना अभी बाकी है…।’’

दीपके ने बोस्टन विश्वविद्यालय के संचार महाविद्यालय से जनसंपर्क विषय में स्नातकोत्तर की उपाधि प्राप्त की है। वह जून में भारत लौटे और नीट-यूजी प्रश्नपत्र लीक के खिलाफ आंदोलन का नेतृत्व किया, जिसमें देश के विभिन्न हिस्सों से बड़ी संख्या में युवा दिल्ली पहुंचे। आंदोलनकारियों ने परीक्षा प्रणाली में सुधार और तत्कालीन केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की।

इस आंदोलन को ‘जेन जेड़’ का व्यापक समर्थन मिला और धर्मेंद्र प्रधान को केंद्रीय शिक्षा मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा।

कॉजपा का आंदोलन देश के कई शहरों तक फैल गया लेकिन कई स्थानों पर प्रदर्शन हिंसक हो गए इसके बाद दिल्ली, मुंबई, कोलकाता और बिहार में पुलिस ने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए मामले दर्ज किए।

दीपके ने उम्मीद जताई कि महाराष्ट्र सरकार छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज लंबित पुलिस मामले वापस लेगी।

उन्होंने कहा, ‘‘महाराष्ट्र हमेशा अपनी प्रगतिशील परंपरा के जरिए देश का मार्गदर्शन करता रहा है। मुझे उम्मीद है कि राज्य सरकार किसी भी छात्र का उत्पीड़न नहीं करेगी। उन्होंने कुछ भी गलत नहीं किया है, वे केवल अपने भविष्य के लिए लड़ रहे थे।’’

दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बारे में कथित आपत्तिजनक टिप्पणी करने के आरोप में 15 वर्षीय रुचिका सिंह के खिलाफ कार्रवाई के मुद्दे पर दीपके ने नाबालिगों की टिप्पणियों को आपराधिक मामला बनाने का विरोध किया।

उन्होंने कहा, ‘‘यदि 15 साल की लड़की के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर पूरा सरकारी तंत्र लगा देना ही मानक है, तो राजनीतिक नेताओं और आईटी प्रकोष्ठ के सदस्यों के खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए।’’

दीपके ने इस संदर्भ में भाजपा के वरिष्ठ नेता रमेश बिधूड़ी द्वारा संसद में एक सांसद के खिलाफ की गई विवादित टिप्पणी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कुछ बयानों का भी उल्लेख किया।

उन्होंने यह भी कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के एक पुराने भाषण में कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए ‘50 करोड़ रुपये की गर्लफ्रेंड’ वाले वाक्यांश को लेकर उनके खिलाफ भी प्राथमिकी दर्ज होनी चाहिए। साथ ही, महिलाओं को ऑनलाइन गालियां देने और धमकाने वाले भाजपा के आईटी प्रकोष्ठ के सदस्यों के खिलाफ भी कार्रवाई की जानी चाहिए।

दीपके ने दावा किया कि भारत में आम लोगों के लिए शिक्षा महंगी और पहुंच से बाहर हो गई है।

उन्होंने कहा कि हालिया आंदोलनों के बाद उनकी जिम्मेदारी बढ़ गई है और कॉजपा की टीम का जल्द ही विस्तार किया जाएगा।

भाषा शोभना नरेश

नरेश


लेखक के बारे में