बांग्लादेश में चुनाव के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा का मुद्दा अहम : शुभेंदु अधिकारी

बांग्लादेश में चुनाव के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा का मुद्दा अहम : शुभेंदु अधिकारी

बांग्लादेश में चुनाव के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा का मुद्दा अहम : शुभेंदु अधिकारी
Modified Date: February 15, 2026 / 06:13 pm IST
Published Date: February 15, 2026 6:13 pm IST

कोलकाता, 15 फरवरी (भाषा) भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के वरिष्ठ नेता शुभेंदु अधिकारी ने बांग्लादेश में चुनाव के बाद हुए राजनीतिक बदलावों के मद्देनजर सीमा पर हो रहे घटनाक्रमों को लेकर चिंता व्यक्त की है।

शुभेंदु ने रविवार को इस पर चिंता जताते हुए आरोप लगाया कि सीमा पर उभरी एक ‘गंभीर राजनीतिक एकजुटता’ के मद्देनजर कड़ी सतर्कता और सीमा पर मजबूत बुनियादी ढांचे की आवश्यकता है।

भाजपा नेता ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में दावा किया कि जमात-ए-इस्लामी ने बांग्लादेश के 2026 के आम चुनाव में सतखिरा से रंगपुर तक के जिलों में 68 निर्वाचन क्षेत्रों में जीत हासिल की, जो पश्चिम बंगाल के संवेदनशील सीमावर्ती क्षेत्रों के सामने स्थित हैं।

पश्चिम बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष ने ‘सिलीगुड़ी कॉरिडोर’ को भारत के पूर्वोत्तर राज्यों को मुख्य भूमि से जोड़ने वाली एक रणनीतिक जीवन रेखा बताते हुए कहा कि उस क्षेत्र में किसी भी वैचारिक एकजुटता के लिए बढ़ी हुई सतर्कता और मजबूत सुरक्षा व्यवस्था की आवश्यकता होगी।

भाजपा नेता ने बांग्ला में अपने पोस्ट में आरोप लगाया कि राज्य में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस की सरकार सीमा पर बाड़ लगाने के लिए सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) द्वारा आवश्यक भूमि अधिग्रहण में पूर्ण सहयोग देने में बार-बार विफल रही है।

उन्होंने कलकत्ता उच्च न्यायालय के उस निर्देश का भी हवाला दिया जिसमें राज्य को बाड़ लगाने के लिए आवश्यक भूमि सौंपने को कहा गया था और यह भी कहा गया था कि राष्ट्रीय सुरक्षा से संबंधित मामलों में प्रशासनिक देरी अस्वीकार्य है।

शुभेंदु अधिकारी ने इस स्थिति को ‘बदला हुआ भू-राजनीतिक परिदृश्य’ करार देते हुए पश्चिम बंगाल के लिए आवश्यक उपायों की एक श्रृंखला का उल्लेख किया, जिसमें बीएसएफ के साथ पूर्ण सहयोग भी शामिल है।

उन्होंने इस बात पर बल दिया कि केंद्र और राज्य दोनों में भारतीय जनता पार्टी के नेतृत्व वाली ‘डबल इंजन’ सरकार ही सीमा सुरक्षा सुनिश्चित कर सकती है।

भाषा रवि कांत रवि कांत संतोष

संतोष


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