राष्ट्रपति के कार्यक्रम में प्रोटोकॉल संबंधी लापरवाही के मामले में पश्चिम बंगाल सरकार से जवाब तलब

राष्ट्रपति के कार्यक्रम में प्रोटोकॉल संबंधी लापरवाही के मामले में पश्चिम बंगाल सरकार से जवाब तलब

राष्ट्रपति के कार्यक्रम में प्रोटोकॉल संबंधी लापरवाही के मामले में पश्चिम बंगाल सरकार से जवाब तलब
Modified Date: March 8, 2026 / 11:51 am IST
Published Date: March 8, 2026 11:51 am IST

नयी दिल्ली, आठ मार्च (भाषा) राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के पश्चिम बंगाल दौरे के दौरान हुई ‘‘लापरवाहियों’’ को लेकर विवाद के बीच, केंद्र सरकार ने राज्य सरकार से रविवार शाम पांच बजे तक प्रोटोकॉल, स्थल और मार्ग व्यवस्था से संबंधित ‘‘उल्लंघनों’’ पर जवाब मांगा है। सूत्रों ने यह जानकारी दी।

केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को एक पत्र लिखकर ‘ब्लू बुक’ के नियमों के उल्लंघन, प्रोटोकॉल, स्थल और मार्ग व्यवस्था के बारे में जवाब देने के लिए कहा है।

‘ब्लू बुक’ में राष्ट्रपति, उपराष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और उनके परिवारों के सुरक्षा व प्रोटोकॉल नियमों की सूची होती है।

शनिवार को राष्ट्रपति मुर्मू ने बागडोगरा हवाईअड्डे के पास आदिवासी समुदाय के एक कार्यक्रम में कम लोगों की उपस्थिति पर निराशा व्यक्त की और बिधाननगर की जगह इस स्थान पर कार्यक्रम आयोजित करने के फैसले को लेकर सवाल उठाया।

उन्होंने यह भी बताया कि उनके दौरे के दौरान पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी और उनके मंत्री उपस्थित नहीं थे।

सूत्रों के अनुसार, पत्र में पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव से पूछा गया है कि जब राष्ट्रपति राज्य में पहुंची थीं तब मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और पुलिस महानिदेशक क्यों उपस्थित नहीं थे।

केंद्र सरकार ने यह भी कहा कि केवल सिलीगुड़ी के महापौर राष्ट्रपति का स्वागत करने के लिए मौजूद थे, जो कि प्रोटोकॉल का उल्लंघन है।

सूत्रों के अनुसार, राष्ट्रपति के लिए बनाए गए वॉशरूम में पानी की कमी थी, जिसके लिए राज्य सरकार से स्पष्टीकरण मांगा गया है।

राज्य से यह भी पूछा गया है कि राष्ट्रपति को लाने के लिए चुने गए मार्ग पर गंदगी क्यों थी।

पत्र में यह भी पूछा गया है कि दार्जिलिंग के जिलाधिकारी, सिलीगुड़ी के पुलिस आयुक्त और अतिरिक्त जिलाधिकारी के खिलाफ क्या कार्रवाई की गई है, जो इन उल्लंघनों के लिए सीधे जिम्मेदार प्रतीत होते हैं।

मुर्मू को आदिवासी समुदाय के वार्षिक कार्यक्रम में आमंत्रित किया गया था, जो मूल रूप से बिधाननगर, सिलीगुड़ी में आयोजित होने वाला था।

हालांकि, सुरक्षा और अन्य तार्किक कारणों का हवाला देते हुए अधिकारियों ने बिधाननगर की जगह बागडोगरा हवाई अड्डे के पास गोशैपुर में कार्यक्रम आयोजित किया।

राष्ट्रपति शनिवार दोपहर जब कार्यक्रम स्थल पर पहुंचीं, तो वहां केवल कुछ ही लोग उपस्थित थे। सिलीगुड़ी के महापौर गौतम देब हवाई अड्डे पर उनका स्वागत करने के लिए मौजूद थे।

राष्ट्रपति ने कहा, ‘‘ममता बनर्जी मेरी छोटी बहन की तरह हैं। मैं भी बंगाल की बेटी हूं। मुझे नहीं पता कि वह नाराज हैं या नहीं। खैर, यह महत्वपूर्ण नहीं है। आप सभी का भला हो।’’

उन्होंने आदिवासी समुदाय के कार्यक्रम का स्थल बदलने पर भी सवाल उठाया।

मुर्मू ने कहा, ‘‘अगर कार्यक्रम वहां (बिधाननगर में) होता, तो बेहतर होता। वहां काफी जगह थी और काफी लोग आ सकते थे। लेकिन मुझे नहीं पता कि राज्य प्रशासन ने वहां कार्यक्रम की अनुमति क्यों नहीं दी। आज का कार्यक्रम ऐसे स्थान पर हो रहा है, जहां लोगों के लिए आना मुश्किल है। शायद राज्य सरकार आदिवासियों का कल्याण नहीं चाहती और इसलिए उन्हें यहां आने से रोका गया।’’

प्रोटोकॉल के अनुसार, राज्य सरकार के मुख्यमंत्री या मंत्री आमतौर पर राष्ट्रपति का स्वागत करने के लिए उपस्थित रहते हैं।

उपराष्ट्रपति सी. पी. राधाकृष्णन ने शनिवार को पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति मुर्मू के कार्यक्रम में हुई ‘‘लापरवाहियों’’ को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि उच्च संवैधानिक पद पर आसीन व्यक्ति को हमेशा वह सम्मान मिलना चाहिए, जिसका वह हकदार है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल सरकार पर राष्ट्रपति मुर्मू के दौरे के दौरान उन्हें अपमानित करने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह ‘‘शर्मनाक और अभूतपूर्व’’ है और तृणमूल कांग्रेस सरकार ने ‘‘वास्तव में सभी सीमाएं लांघ दी हैं।’’

भाषा जोहेब सुरभि

सुरभि


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