बदायूं (उप्र), एक अगस्त (भाषा) गाजियाबाद जिले के एक चर्चित हत्याकांड के आरोपी को बचाने के आरोप में बदायूं पुलिस के दो अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गयी है। पुलिस ने यह जानकारी दी।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने बताया कि बिनावर थाने के निरीक्षक अरिहंत कुमार सिद्धार्थ को लाइन हाजिर किया गया है जबकि वरिष्ठ उपनिरीक्षक बलवीर सिंह को निलंबित कर दिया गया है।
पुलिस सूत्रों ने बताया कि गाजियाबाद के लोनी बॉर्डर क्षेत्र में पिछले माह 12 एवं 13 जुलाई की दरम्यानी रात विपिन प्रजापति नामक एक व्यक्ति की हत्या कर दी गयी थी और इस मामले में 20 हजार के इनामी आरोपी सोनू की पुलिस को तलाश थी।
उन्होंने बताया कि आरोप है कि सोनू ने सिद्धार्थ और सिंह से सांठ-गांठ कर ली तथा 23 जुलाई को एक अन्य मामले में खुद को गिरफ्तार करवाकर जेल चला गया ताकि हत्या के मामले से बच सके।
सूत्रों ने बताया कि इस गिरफ्तारी के समय पुलिस ने उसका नाम सोहनपाल उर्फ सूजल बताया था।
गाजियाबाद पुलिस से रिपोर्ट मिलने के बाद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने अपर पुलिस अधीक्षक (नगर) अभिषेक सिंह से जांच कराई तो सामने आया कि दूसरे मामले में गिरफ्तार किया गया युवक वही सोनू है जो हत्या के मामले में फरार था।
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने बताया कि शुक्रवार देर रात मामले की जांच रिपोर्ट मिलने के बाद सिद्धार्थ को लाइन हाजिर कर दिया गया है और सिंह की भूमिका को संदिग्ध मानते हुए उसे तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है।
उन्होंने बताया कि अपर पुलिस अधीक्षक (देहात क्षेत्र) हृदयेश कठेरिया को पूरे मामले की विस्तृत जांच का काम सौंपा गया है।
गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र की रतिराम कॉलोनी के आजाद प्रजापति के मुताबिक मोटरसाइकिल का हॉर्न बजाने को लेकर विवाद हुआ था और इसी बात पर आरोपी सोनू ने विपिन के पेट में दो गोलियां मार दी थी जिससे उसकी मौत हो गई थी।
भाषा सं. सलीम नेत्रपाल राजकुमार
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