राजग से अलग होना शिअद की राजनीतिक मजबूरी थी: अमरिंदर सिंह

राजग से अलग होना शिअद की राजनीतिक मजबूरी थी: अमरिंदर सिंह

राजग से अलग होना शिअद की राजनीतिक मजबूरी थी: अमरिंदर सिंह
Modified Date: November 29, 2022 / 08:01 pm IST
Published Date: September 26, 2020 7:20 pm IST

चंडीगढ़, 26 सितंबर (भाषा) पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह ने राजग से अलग होने के अकाली दल के फैसले को बादल परिवार के लिए ‘‘राजनीतिक मजबूरी’’ बताया। उन्होंने कहा कि कृषि विधेयकों को लेकर भाजपा द्वारा शिअद की सार्वजनिक रूप से आलोचना करने के बाद बादल के पास कोई और विकल्प नहीं रह गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि शिरोमणि अकाली दल (शिअद) के फैसले के पीछे कोई नैतिक आधार नहीं है।

उन्होंने कहा कि भाजपा ने कृषि विधेयकों को लेकर किसानों को नहीं मना पाने के लिए अकाली दल को जिम्मेदार ठहराया था जिसके बाद उनके पास और कोई विकल्प नहीं रह गया था।

मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र के भाजपा नीत सत्तारूढ़ दल ने शिअद के झूठ और दोहरे रवैये को सामने ला दिया। उन्होंने कहा कि चेहरा बचाने की इस कवायद में अकाली दल और भी बड़ी राजनीतिक मुश्किल में फंस गया है जिसमें अब उनके लिए पंजाब के साथ-साथ केंद्र में भी कोई जगह नहीं बची।

दूसरी ओर शिअद की वरिष्ठ नेता एवं पूर्व कैबिनेट मंत्री हरसिमरत कौर ने राजग से अलग होने के बारे में कहा कि केंद्र की भाजपा नीत सरकार ने पंजाब की ओर से आंखें मूंद ली हैं।

उन्होंने कहा कि यह वह गठबंधन नहीं है जिसकी कि पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने कल्पना की थी। हरसिमरत कौर ने कृषि विधेयकों के विरोध में हाल में कैबिनेट मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।

उन्होंने कहा, ‘‘जो अपने सबसे पुराने सहयोगी दल की बातों को अनसुना करे और राष्ट्र के अन्नदाताओं की याचनाओं को नजरंदाज करे, वह गठबंधन पंजाब के हित में नहीं है।’’

भाषा

मानसी रंजन

रंजन

मानसी


लेखक के बारे में