राष्ट्रीय पुरुष आयोग बनाने पर गंभीरता से चर्चा की जाए: राज्यसभा सदस्य

राष्ट्रीय पुरुष आयोग बनाने पर गंभीरता से चर्चा की जाए: राज्यसभा सदस्य

राष्ट्रीय पुरुष आयोग बनाने पर गंभीरता से चर्चा की जाए: राज्यसभा सदस्य
Modified Date: August 30, 2026 / 09:24 pm IST
Published Date: August 30, 2026 9:24 pm IST

चंडीगढ़, 30 अगस्त (भाषा) राज्यसभा सदस्य अशोक कुमार मित्तल ने पुरुषों से जुड़े मुद्दों का व्यवस्थित अध्ययन करने के लिए शोधकर्ताओं, कानूनी विशेषज्ञों, परामर्शदाताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और नीति निर्माताओं को साथ लेकर ‘राष्ट्रीय पुरुष आयोग’ बनाने के लिए देशभर में गंभीर चर्चा की मांग की है।

एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, उन्होंने यहां एक कार्यक्रम में यह बात कही, जिसमें भारत में पुरुषों की हत्या और आत्महत्या के मामलों पर आधारित एक रिपोर्ट जारी की गई।

मित्तल ने कहा कि यह चर्चा पुरुषों और महिलाओं के बीच मुकाबला खड़ा करने के लिए नहीं होनी चाहिए, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए होनी चाहिए कि हर नागरिक की वास्तविक चिंताओं को सुना जाए।

भाजपा नेता ने कहा, “ अगर कुछ आवाजें अनसुनी रह जाती हैं तो क्या सच्चा न्याय संभव है? यह किसी के अधिकार छीनने का सवाल नहीं है और निश्चित रूप से महिलाओं के खिलाफ खड़े होने का सवाल भी नहीं है। भारत ने महिलाओं की सुरक्षा, सम्मान व अधिकारों की रक्षा में महत्वपूर्ण प्रगति की है और यह प्रगति जारी रहनी चाहिए। लेकिन न्याय की इस यात्रा में पुरुषों से जुड़ी वास्तविक चिंताओं को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। हमें इन मुद्दों पर गंभीर, संवेदनशील और संस्थागत चर्चा की जरूरत है।”

प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, एकम न्याय फाउंडेशन की रिपोर्ट ‘हसबेंड मर्डर बाय वाइफ एंड सुसाइड बाय मेन: अ रिसर्च रिपोर्ट एंड एनालिसिस ऑन इंसिडेंट्स रिपोर्टेड इन द मीडिया इन द ईयर्स 2024 एंड 2025’ में वर्ष 2024 में पति या साथी की हत्या के 244 मामलों और वर्ष 2025 में 419 मामलों का दस्तावेजीकरण किया गया है।

इसके अलावा वर्ष 2024 में 277 और वर्ष 2025 में आत्महत्या के 426 मामले दर्ज किए गए हैं।

भाषा जोहेब नरेश

नरेश


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