आगामी चुनावों में विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवारों का समर्थन करने का कई संस्थाओं ने संकल्प लिया

आगामी चुनावों में विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवारों का समर्थन करने का कई संस्थाओं ने संकल्प लिया

आगामी चुनावों में विपक्षी गठबंधन के उम्मीदवारों का समर्थन करने का कई संस्थाओं ने संकल्प लिया
Modified Date: September 29, 2023 / 10:36 pm IST
Published Date: September 29, 2023 10:36 pm IST

नयी दिल्ली, 29 सितंबर (भाषा) राष्ट्रीय राजधानी में, 50 से अधिक संस्थाओं के प्रतिनिधियों और ‘इंडिया’ गठबंधन का हिस्सा नहीं बने 18 छोटे दलों के नेताओं ने आगामी विधानसभा एवं लोकसभा चुनावों में विपक्षी गठजोड़ के उम्मीदवारों का समर्थन करने का शुक्रवार को संकल्प लिया।

भारत जोड़ो अभियान (बीजेए) और कंफेडरेशन ऑफ इंडियन कम्युनिस्ट्स एंड डेमोक्रेटिक सोशलिस्ट्स द्वारा आयोजित ‘जीतेगा इंडिया : नेशनल कन्वेंशन फॉर डेमोक्रेसी, सेक्युलरिज्म एंड सोशल जस्टिस’ में स्वराज इंडिया के नेता योगेन्द्र यादव ने कहा कि वे उन 100 से 150 सीट पर ध्यान केंद्रित करेंगे, जहां विपक्षी उम्मीदवार बहुत कम मतों के अंतर से हारे हैं, और उन्हें वोट बढ़ाने में मदद करेंगे।

योगेन्द्र ने कहा कि 20 से अधिक राज्यों के प्रतिनिधि शुक्रवार को हुए सम्मेलन में शरीक हुए।

 ⁠

उन्होंने कहा, ‘‘जो चीज हमें जोड़ती है वह भारत के संविधान में विश्वास है। लोकतंत्र पर एक अभूतपूर्व हमला हुआ है, और हमने दीर्घकालिक एवं अल्पकालिक लड़ाई लड़ने का फैसला किया है…अल्पकालिक लड़ाई में आगामी विधानसभा और लोकसभा चुनाव शामिल हैं।’’

भारत जोड़ो अभियान के राष्ट्रीय समन्वयक विजय महाजन ने कहा कि कम से कम 270 सीट भाजपा के पास हैं जहां विपक्षी वोट को एकजुट करने से विपक्षी उम्मीदवार जीत सकते हैं।

योगेन्द्र ने यह भी कहा कि सत्तारूढ़ भाजपा की ‘ट्रोल सेना’ का मुकाबला करने के लिए एक ‘ट्रूथ आर्मी’ का गठन किया जाएगा। विपक्षी गठबंधन ‘इंडिया’ को समर्थन देने का अभियान महाराष्ट्र के वर्धा में गांधी सेवाश्रम में शुरू किया जाएगा।

यह पूछे जाने पर कि क्या वह भी लोकसभा चुनाव लड़ेंगे, योगेन्द्र ने इनकार करते हुए कहा कि विपक्षी गठबंधन को समर्थन देने वाले दल और संगठन बिना किसी शर्त के ऐसा कर रहे हैं।

‘इंडिया’ गठबंधन में शामिल कई विपक्षी दलों के नेताओं ने भी सम्मेलन में भाग लिया। कार्यक्रम में कांग्रेस नेता दिग्विजय सिंह, माकपा के सीताराम येचुरी, भाकपा के डी. राजा, भाकपा (मार्क्सवादी लेनिनवादी) के दीपांकर भट्टाचार्य भी उपस्थित थे।

भाषा सुभाष वैभव

वैभव


लेखक के बारे में