पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चन्नी को बढ़ते समर्थन के बीच कई पार्टी नेताओं ने बैठक की
पंजाब कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए चन्नी को बढ़ते समर्थन के बीच कई पार्टी नेताओं ने बैठक की
चंडीगढ़, छह जुलाई (भाषा) कांग्रेस की पंजाब इकाई के अध्यक्ष पद के लिए लोकसभा सदस्य चरणजीत सिंह चन्नी के नाम पर पुनर्विचार किए जाने की कई पूर्व और मौजूदा विधायकों की बढ़ती मांग के बीच पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने सोमवार को मोहाली में बैठक की।
पंजाब में 2027 में होने वाले विधानसभा चुनावों से पहले प्रदेश कांग्रेस में गुटबाजी बढ़ने के संकेत के बीच चन्नी ने सोमवार को ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, “पिछली बैठक के सिलसिले में… एकता में ही शक्ति है।”
हालांकि, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने पंजाब इकाई में किसी भी तरह की गुटबाजी से इनकार किया। उन्होंने कहा, “कांग्रेस एकजुट है… हम सब साथ हैं।”
कांग्रेस के कई नेताओं ने बीते शुक्रवार को रूपनगर जिले के मोरिंडा में चन्नी के आवास पर बैठक की थी जिसमें ज्यादातर सदस्यों ने वडिंग की जगह उन्हें (चन्नी) प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने का समर्थन किया था।
सोमवार को मोहाली में आयोजित बैठक में वडिंग मौजूद थे। बैठक में हिस्सा लेने वाले चन्नी और कई अन्य नेताओं ने अपने-अपने ‘एक्स’ हैंडल पर इसकी तस्वीरें साझा कीं और लिखा, “एकता में ही शक्ति है।”
वडिंग और पंजाब कांग्रेस ने भी अपने-अपने ‘एक्स’ हैंडल पर ये तस्वीरें साझा कीं। उन्होंने भी तस्वीरों के साथ लिखा, “एकता में ही शक्ति है।”
बैठक के बाद चन्नी ने मीडिया से बात नहीं की लेकिन इसमें शामिल एक अन्य वरिष्ठ नेता भारत भूषण आशु ने संवाददाताओं से कहा, “यह बैठक मोरिंडा में हुई बैठक का ही अगला हिस्सा थी। बाकी आप समझ ही गए होंगे।”
आशु उन नेताओं में शामिल हैं, जो शुक्रवार को चन्नी के आवास पर हुई बैठक में मौजूद थे।
यह पूछे जाने पर कि क्या वह कांग्रेस महासचिव एवं पार्टी के पंजाब प्रभारी भूपेश बघेल से मिलेंगे, जो जल्द ही प्रदेश इकाई के नेताओं के साथ बैठक कर सकते हैं, आशु ने कहा, “मुझे किसी ने आमंत्रित नहीं किया है।”
इन घटनाक्रमों के बीच बघेल सोमवार शाम चंडीगढ़ पहुंचे, जहां वह 2027 के विधानसभा चुनावों की रणनीति बनाने के लिए पार्टी नेताओं के साथ बैठकें करेंगे।
शुक्रवार को मोरिंडा में चन्नी के आवास पर हुई बैठक में अनुपस्थित कई नेता सोमवार को मोहाली में हुई बैठक में शामिल हुए। इनमें सुखजिंदर सिंह रंधावा, रजिया सुल्ताना, खुशालदीप सिंह ढिल्लों और परगट सिंह शामिल हैं।
जब वडिंग से चन्नी के इस पोस्ट के बारे में पूछा गया कि सोमवार की बैठक मोरिंडा में हुए बैठक का अगला हिस्सा थी, तो उन्होंने मामले को तूल देने से बचते हुए कहा, “आप (मीडिया) ऐसे बात कर रहे हैं, जैसे मोरिंडा की बैठक पाकिस्तान या पीओके (पाकिस्तान के कब्जे वाला कश्मीर) में हुई हो। मैंने पहले ही कहा है कि चन्नी हमारी अभियान समिति के अध्यक्ष हैं और कई नेता उनसे मिलने गए थे।”
वडिंग ने कहा, “वह बैठक और आज की बैठक कांग्रेस को मज़बूत करने के लिए थी। आने वाले कुछ दिनों में आप सभी नेताओं को एक मंच पर देखेंगे।”
उन्होंने कहा कि मीडिया का एक वर्ग कह रहा है कि चन्नी दिल्ली में हैं, लेकिन वह यहीं हैं।
वडिंग ने मीडिया से अपील की कि वह ऐसा न दिखाए, जिससे संदेश जाए कि प्रदेश कांग्रेस में कोई “खींचतान” चल रही है।
उन्होंने पंजाब कांग्रेस के एकजुट होने की बात कहते हुए कहा, “चन्नी, राजा वडिंग, राणा गुरजीत, प्रताप सिंह बाजवा, तृप्त राजिंदर बाजवा, सुखजिंदर रंधावा, हम सब एक साथ हैं।”
यह पूछे जाने पर कि उन्होंने सोमवार को मोहाली में आयोजित बैठक में हिस्सा क्यों नहीं लिया, वडिंग ने मजाकिया लहजे में कहा, “ऐसा लगता है कि मीडिया हमें आपस में लड़वाना चाहता है।”
उन्होंने कहा, “चन्नी, रंधावा, राणा गुरजीत और तृप्त राजिंदर बाजवा हमारे वरिष्ठ नेता हैं और मैं इन सभी का सम्मान करता हूं।”
हालांकि, पंजाब कांग्रेस ने ‘एक्स’ पर पंजाबी में किए गए एक पोस्ट में कहा कि मोहाली में हुई बैठक 2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों के सिलसिले में थी।
पोस्ट के मुताबिक, “2027 के विधानसभा चुनावों की तैयारियों के मद्देनजर पंजाब कांग्रेस अभियान समिति के अध्यक्ष चरणजीत सिंह चन्नी और कोर कमेटी के अध्यक्ष सुखजिंदर सिंह रंधावा ने अपनी टीम और पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के साथ एक अहम बैठक की। इस दौरान चुनावी रणनीति, संगठन को और मजबूत करने के उपायों तथा आगामी कार्यक्रमों को लेकर विस्तार से चर्चा की गई।”
इससे पहले शनिवार को वडिंग ने प्रदेश कांग्रेस में बगावत की खबरों को खारिज कर दिया था। उन्होंने मुख्यमंत्री पद की दौड़ में शामिल होने की बात से भी इनकार किया था।
वडिंग ने कहा था कि आने वाले दिनों में प्रदेश कांग्रेस का पूरा नेतृत्व हर शहर और गांव में साथ मिलकर “पंजाब की लड़ाई लड़ता” दिखेगा।
पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष के रूप में वडिंग को बरकरार रखने की घोषणा बीते बुधवार को की गई थी। इस दौरान 2027 के विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की अलग-अलग समितियों का भी ऐलान किया गया था।
जालंधर से लोकसभा सदस्य और पार्टी के प्रमुख दलित चेहरे चन्नी को पंजाब कांग्रेस के अध्यक्ष पद के प्रमुख दावेदार के रूप में देखा जा रहा था। हालांकि, उन्हें चुनाव प्रचार समिति का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह पद पार्टी के चुनाव अभियान की रणनीति और योजना बनाने के लिहाज से बहुत अहम है।
माना जा रहा है कि चन्नी प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष पद के लिए “नजरअंदाज” किए जाने से नाखुश हैं।
भाषा पारुल नरेश
नरेश

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